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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता के बीच सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाए या अंतरराष्ट्रीय निगरानी में नष्ट कर दिया जाए.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “संवर्धित यूरेनियम या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाए, जिसे घर लाकर नष्ट किया जाएगा या फिर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समन्वय और सहयोग से मौके पर या किसी स्वीकार्य जगह पर नष्ट किया जाए. इस प्रक्रिया को एटॉमिक एनर्जी कमीशन या उसके समकक्ष संगठन के गवाह के रूप में देखा जाए.”
ट्रंप ने जोर दिया कि यह फैसला ईरान के साथ मिलकर ही लिया जाएगा. इससे संकेत मिलता है कि दोनों देश शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और ईरान अपनी कुछ शर्तों में लचीलापन दिखा रहा है.
“The Enriched Uranium (Nuclear Dust!) will either be immediately turned over to the United States to be brought home and destroyed or, preferably, in conjunction and coordination with the Islamic Republic of Iran, destroyed in place or…” - President Donald J. Trump pic.twitter.com/Ss5ae2uY3T
— The White House (@WhiteHouse) May 25, 2026
ट्रंप ने इस मौके पर अब्राहम समझौतों (Abraham Accords) को और व्यापक बनाने की बात कही. उन्होंने सुझाव दिया कि ईरान भी भविष्य में इस क्षेत्रीय शांति ढांचे का हिस्सा बन सकता है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ शांति वार्ता “अच्छी गति” से चल रही है. हालांकि, ईरान के सुप्रीम लीडर से परामर्श की जटिल प्रक्रिया के कारण अंतिम फैसले में कुछ समय लग सकता है.
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ शांति वार्ता में शामिल सभी देशों को अब्राहम समझौतों पर हस्ताक्षर करने चाहिए. इन समझौतों का मकसद इजराइल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करना है.
उन्होंने कहा, “अमेरिका द्वारा इस जटिल पहेली को सुलझाने के लिए किए गए प्रयासों के बाद, सभी देशों के लिए अब्राहम समझौतों पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होना चाहिए।” अगर कोई एक-दो देश इसके लिए तैयार न हों तो छूट दी जा सकती है,
ट्रंप ने UAE और Bahrain का जिक्र करते हुए कहा कि ये पहले से ही समझौते का हिस्सा हैं. उन्होंने सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र और जॉर्डन जैसे देशों से भी इसमें शामिल होने की उम्मीद जताई.
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम की कोशिशें तेज हो गई हैं. अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंतित है और चाहता है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम पूरी तरह से नष्ट या नियंत्रण में आ जाए.
ट्रंप ने ईरान को अब्राहम समझौतों में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए कहा कि इससे पूरे मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित हो सकती है. यह कदम न केवल ईरान के परमाणु खतरे को कम करेगा बल्कि क्षेत्र में नई राजनयिक शुरुआत भी कर सकता है.