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“हर अमेरिकी नागरिक हमारा 'लक्ष्य'”, फोर्डो समेत तीन जगहों पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की चेतावनी

अमेरिका द्वारा इजरायल पर हमला किए जाने के बाद ईरान के लोगों में गुस्सा है. ईरानी प्रस्तोता ने सरकारी टीवी कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका को इस हमले का हिसाब पूरा करना होगा. साथ ही उन्होंने दावा किया कि अब ईरान के लिए हर अमेरिकी एक लक्ष्य है.

Calendar Last Updated : 22 June 2025, 01:49 PM IST
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Iran After US Strikes: इजरायल और ईरान के बीच की लड़ाई में अब अमेरिका ने पूरी तरह एंट्री ले ली है. अमेरिका ने शनिवार को ईरान के तीन परमाणु केंद्रो को निशाना बनाया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यह दावा किया गया कि अमेरिकी सैनिकों द्वारा किए गए इन हमलों में उन्हें पूरी तरह से खत्म कर दिया गया. 

ईरानी अधिकारियों ने भी मीडिया से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिकी सैन्य द्वारा ईरान में इस्फ़हान, नतांज़ और फ़ोर्डो में हमले किए गए हैं. इस्फ़हान के गवर्नर के सहयोगी अकबर सालेही ने इस बात की जानकारी सरकारी टीवी चैनलों को दी है. 

ईरान ने की हमले की पुष्टि

इस्फ़हान के गवर्नर के सहयोगी अकबर सालेही ने कहा यहां के निवासियों ने हमले को देखा है. उन्होंने कहा कि इस्फ़हान और नतांज़ क्षेत्रों में कई विस्फोट सुने गए. ईरान के सरकारी टीवी ने आगे बताया कि इस्लामिक रिपब्लिक ने कुछ समय पहले तीन परमाणु स्थलों को खाली कर दिया था. उन्होंने कहा कि ट्रंप आमतौर पर झूठ बोलते हैं. नुकसान की सीमा के बारे में अभी आकलन किए जाने की आवश्यकता है. उन्होंने दावा किया कि इस्लामिक रिपब्लिक के केंद्रों को इस बमबारी से खत्म नहीं किया जा सकता है. अमेरिका के हमले के बाद, ईरानी सरकारी टीवी प्रस्तुतकर्ताओं ने भी आने वाले परिणामों की चेतावनी दी. आईआरएनए के एक ऐसे प्रस्तोता को यह कहते हुए उद्धृत किया गया कि इस क्षेत्र में हर अमेरिकी नागरिक और सैन्य कर्मी अब 'वैध लक्ष्य' है.

ईरानी प्रस्तोता की चेतावनी 

ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, एक अन्य ईरानी प्रस्तोता ने सरकारी टीवी कार्यक्रम में कहा कि युद्ध अभी शुरू हुआ है, श्री ट्रंप! अब आप शांति की बात करते हैं? हम आपके साथ इस तरह से पेश आएंगे कि आप लापरवाही के परिणामों को समझ सकें. राज्य निकाय ने कहा इस हमला की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन बताया है. उन्होंने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन करती है. दुर्भाग्य से अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की उदासीनता या यहां तक कि मिलीभगत के तहत हुई है. अमेरिका ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति के सार्वजनिक बयानों के माध्यम से इन स्थलों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है .

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