नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का आगाज 28 मार्च से होगा. लीग का पहला मुकाबला पिछले साल की विजेता टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा. लेकिन लीग शुरु होने से पहले इसे लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर दो अहम घटनाक्रम सामने आए हैं, जिस कारण ये 20 लीग सुर्खियों में आ गया है.
एक ओर जहां लीग के नाम को चुनौती देने वाली याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया, वहीं दूसरी तरफ बेंगलुरु में मैचों के आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केरल उच्च न्यायालय ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा 'इंडियन प्रीमियर लीग' नाम के इस्तेमाल को अवैध बताया गया था. याचिकाकर्ता आशिक करोथ ने दावा किया था कि यह नाम आधिकारिक रूप से मान्य नहीं है.
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वीएम की पीठ ने इस तर्क में कोई ठोस आधार नहीं पाया और याचिका को खारिज कर दिया.
अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करने योग्य नहीं है. पीठ ने यह भी कहा कि आईपीएल कई सालों से आयोजित हो रहा है, ऐसे में इस तरह की आपत्ति देर से उठाई गई और इसमें कोई कानूनी मजबूती नजर नहीं आती.
इस बीच, बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम को लेकर भी फैसला आ गया है. कर्नाटक सरकार ने सोमवार को कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में IPL 2026 मैचों की मेजबानी करने की औपचारिक मंजूरी दे दी.
आपकी जानकारी पिछले साल आरसीबी के पहली बार आईपीएल खिताब जितने के बाद हुई भगदड़ के बाद से ग्राउंड बंद था. मैदान पर कोई भी मुकाबला नहीं खेला गया.
IPL का 19वां संस्करण 28 मार्च से शुरू होगा. उद्घाटन मुकाबले में आरसीबी का सामना सनराइजर्स हैदराबाद से होगा. यह मैच बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा, जिससे फैंस के बीच उत्साह और बढ़ गया है.