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नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति Elon Musk एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब पहुंच गए हैं. उनकी कंपनी SpaceX के रिकॉर्डतोड़ IPO के बाद उनकी संपत्ति में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. इस बढ़ोतरी के साथ मस्क की कुल नेटवर्थ 971 अरब डॉलर तक पहुंच गई है और अब वे दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने से महज 29 अरब डॉलर दूर हैं.
SpaceX के IPO ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में नई हलचल पैदा कर दी है. कंपनी ने फंड जुटाने के मामले में अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. निवेशकों के जबरदस्त उत्साह और भारी मांग के चलते यह IPO इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो गया है.
SpaceX ने अपने IPO के जरिए 75 अरब डॉलर जुटाए हैं. यह आंकड़ा वर्ष 2019 में सऊदी अरामको द्वारा जुटाए गए 29.4 अरब डॉलर के रिकॉर्ड से काफी आगे निकल गया है. कंपनी ने 55.56 करोड़ शेयर 135 डॉलर प्रति शेयर के मूल्य पर जारी किए.
यदि अतिरिक्त शेयरों की बिक्री भी पूरी तरह सफल रहती है, तो IPO का कुल आकार बढ़कर 86 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.
IPO मूल्य के आधार पर SpaceX का बाजार पूंजीकरण 1.77 ट्रिलियन डॉलर आंका गया है. वहीं स्टॉक ऑप्शन और अन्य हिस्सेदारियों को शामिल करने पर कंपनी का कुल मूल्यांकन करीब 1.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाता है.
इस मूल्यांकन के साथ SpaceX दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है. इतना ही नहीं, कंपनी का आकार अब एलन मस्क की दूसरी प्रमुख कंपनी Tesla से भी बड़ा हो गया है.
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, SpaceX के IPO के बाद एलन मस्क की कुल संपत्ति में लगभग 274 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद उनकी नेटवर्थ बढ़कर करीब 971 अरब डॉलर पहुंच गई.
इस बढ़ोतरी ने उन्हें दुनिया का पहला ट्रिलियनेयर बनने की दौड़ में सबसे आगे ला खड़ा किया है. अब उनकी संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े से केवल 29 अरब डॉलर कम है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, IPO में उपलब्ध शेयरों की तुलना में चार गुना अधिक मांग दर्ज की गई. रिटेल निवेशकों की ओर से 100 अरब डॉलर से ज्यादा के ऑर्डर प्राप्त हुए, जबकि उनके लिए केवल 20 प्रतिशत शेयर आरक्षित किए गए थे.
विशेषज्ञों का मानना है कि एलन मस्क की लोकप्रियता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर को लेकर निवेशकों का बढ़ता भरोसा इस जबरदस्त मांग की मुख्य वजहों में शामिल है.
SpaceX अब केवल रॉकेट लॉन्चिंग और सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी खुद को AI इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख ताकत के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है.
कंपनी का दावा है कि भविष्य में अंतरिक्ष आधारित डेटा सेंटर और चंद्रमा पर रोबोटिक फैक्ट्रियों की स्थापना जैसी परियोजनाओं पर काम किया जा सकता है. साथ ही AI डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े समझौते भविष्य में उसकी आय के प्रमुख स्रोत बन सकते हैं.
SpaceX की सफलता के बाद अब AI सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों के IPO को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. बाजार में इस बात की चर्चा है कि Anthropic और OpenAI जैसी कंपनियां भी इस वर्ष शेयर बाजार में उतर सकती हैं.
इन कंपनियों का संभावित मूल्यांकन 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे AI उद्योग में निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है.