Courtesy: instagram @amitabhachan , parveenbabi_ , pooja_bhatt_adminer
विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में पूजा भट्ट ने उस दौर का एक चौंकाने वाला वाकया साझा किया. पूजा ने बताया, मुझे याद है जब वह वापस लौटी थीं तब वह स्टारडस्ट पत्रिका के दफ्तर में बैठी हुई थीं. वहां वह जेरॉक्स मशीन का इस्तेमाल कर रही थीं और सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के खिलाफ इंटरव्यू दे रही थीं. उनका दावा था कि अमिताभ बच्चन आज भी उनकी जान लेना चाहते हैं.
पूजा भट्ट ने यह भी खुलासा किया कि मानसिक बीमारी के चलते परवीन के मन में गहरा डर बैठ गया था. वह किसी पर भरोसा नहीं कर पाती थीं। उन्हें लगता था कि फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने उनके खाने में जहर मिला दिया है इसलिए वह सुरक्षा के लिहाज से सिर्फ अंडे खाकर गुजारा करती थीं.
परवीन बाबी और अमिताभ बच्चन ने 1970 और 80 के दशक में 'दीवार', 'अमर अकबर एंथोनी', 'काला पत्थर', 'शान' और 'नमक हलाल' जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में साथ काम किया था. एक समय दोनों के अफेयर की अफवाहें भी उड़ी थीं, जिन्हें दोनों ने हमेशा खारिज किया. 1980 के दशक की शुरुआत में परवीन की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी और उन्हें दौरे पड़ने लगे.
उन्होंने अमिताभ बच्चन पर इंटरनेशनल गैंगस्टर होने और खुद के अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. परवीन का दावा था कि अमिताभ ने उनके कान में माइक्रोचिप लगाने की कोशिश की थी. जब इस मामले की जांच हुई तो अमिताभ के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले और डॉक्टरों ने पुष्टि की कि परवीन 'सिजोफ्रेनिया' नाम की गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित थीं.
पूजा भट्ट ने परवीन के नरम दिल स्वभाव को याद करते हुए कहा कि उनके पिता महेश भट्ट अक्सर उन्हें परवीन के घर ले जाते थे. वह बेहद खूबसूरत थीं और उन्होंने पूजा को एक परफ्यूम भी गिफ्ट किया था. जनवरी 2005 में महज 50 वर्ष की उम्र में परवीन बाबी का निधन हो गया. मृत्यु के बाद कई दिनों तक उनका शव मुंबई के कूपर अस्पताल में लावारिस पड़ा रहा. ऐसे समय में महेश भट्ट आगे आए जिनका कभी परवीन के साथ गहरा रिश्ता था, और उन्होंने परवीन बाबी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करवाया.