Courtesy: ChatGPT
बॉलीवुड अभिनेत्री शहाना गोस्वामी ने अपने रिश्तों को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि उनके जीवन में कई पुरुषों के साथ गहरे संबंध हैं, लेकिन ये रिश्ते किसी एक परंपरागत मोनोगेमी में बंधे नहीं हैं. शहाना का कहना है कि प्यार का मतलब जरूरी नहीं कि हमेशा एक ही व्यक्ति के साथ रहना हो.
शहाना ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि इस समय उनका कोई एक खास पार्टनर नहीं है. फिर भी उनके कई लोगों के साथ लंबे समय से जुड़ाव है. ये संबंध कैजुअल नहीं हैं, बल्कि गहरी दोस्ती और समझ पर आधारित हैं. उन्होंने जोर दिया कि हर रिश्ता अपने आप में खास है और इन्हें किसी खास दिशा में जबरदस्ती ढालने की जरूरत नहीं है.
शहाना के अनुसार, उनके कुछ संबंध सिर्फ दोस्ती तक सीमित रहते हैं, तो कुछ में शारीरिक नजदीकी भी आ जाती है. वे कहती हैं, “कभी-कभी यह सिर्फ दोस्ती होती है. कभी-कभी यह शारीरिक भी हो जाता है.” उनके लिए दोस्ती और प्यार में कोई बड़ी दीवार नहीं है. एक सच्चा दोस्त वही है जिसके लिए मन में प्यार हो.
वे मानती हैं कि खुले रिश्तों में भी गहराई और ईमानदारी जरूरी है. बाहर से देखने वाले इसे आसान समझ सकते हैं, लेकिन शहाना बताती हैं कि इस सोच तक पहुंचने के लिए खुद पर बहुत मेहनत करनी पड़ती है. अपनी नफरत और अंदरूनी संघर्ष से लड़ना पड़ता है.
शहाना गोस्वामी कहती हैं कि समाज में प्यार को लेकर एक गलत धारणा फैली हुई है. लोग सोचते हैं कि सच्चा प्यार सिर्फ एक व्यक्ति के साथ ही हो सकता है. वे इस विचार से सहमत नहीं हैं. उनके अनुसार प्यार स्वतंत्र होना चाहिए. यह किसी को बांधने या सीमित करने वाली चीज नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अधिकार की भावना प्यार को जहर बना देती है. उनके रिश्ते समय के साथ खुद विकसित होते हैं और इसमें कोई दबाव नहीं होता.
शहाना ने घोस्टिंग यानी अचानक संपर्क तोड़ने के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि खुले रिश्तों में ऐसा आमतौर पर नहीं होता क्योंकि सब कुछ पहले से स्पष्ट और ईमानदार होता है. वे खुद किसी को घोस्ट नहीं करती.
बॉलीवुड अभिनेत्री शहाना गोस्वामी ने अपने रिश्तों को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि उनके जीवन में कई पुरुषों के साथ गहरे संबंध हैं, लेकिन ये रिश्ते किसी एक परंपरागत मोनोगेमी में बंधे नहीं हैं. शहाना का कहना है कि प्यार का मतलब जरूरी नहीं कि हमेशा एक ही व्यक्ति के साथ रहना हो.
शहाना ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि इस समय उनका कोई एक खास पार्टनर नहीं है. फिर भी उनके कई लोगों के साथ लंबे समय से जुड़ाव है. ये संबंध कैजुअल नहीं हैं, बल्कि गहरी दोस्ती और समझ पर आधारित हैं. उन्होंने जोर दिया कि हर रिश्ता अपने आप में खास है और इन्हें किसी खास दिशा में जबरदस्ती ढालने की जरूरत नहीं है.
शहाना के अनुसार, उनके कुछ संबंध सिर्फ दोस्ती तक सीमित रहते हैं, तो कुछ में शारीरिक नजदीकी भी आ जाती है. वे कहती हैं, “कभी-कभी यह सिर्फ दोस्ती होती है. कभी-कभी यह शारीरिक भी हो जाता है.” उनके लिए दोस्ती और प्यार में कोई बड़ी दीवार नहीं है. एक सच्चा दोस्त वही है जिसके लिए मन में प्यार हो.
वे मानती हैं कि खुले रिश्तों में भी गहराई और ईमानदारी जरूरी है. बाहर से देखने वाले इसे आसान समझ सकते हैं, लेकिन शहाना बताती हैं कि इस सोच तक पहुंचने के लिए खुद पर बहुत मेहनत करनी पड़ती है. अपनी नफरत और अंदरूनी संघर्ष से लड़ना पड़ता है.
शहाना गोस्वामी कहती हैं कि समाज में प्यार को लेकर एक गलत धारणा फैली हुई है. लोग सोचते हैं कि सच्चा प्यार सिर्फ एक व्यक्ति के साथ ही हो सकता है. वे इस विचार से सहमत नहीं हैं. उनके अनुसार प्यार स्वतंत्र होना चाहिए. यह किसी को बांधने या सीमित करने वाली चीज नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अधिकार की भावना प्यार को जहर बना देती है. उनके रिश्ते समय के साथ खुद विकसित होते हैं और इसमें कोई दबाव नहीं होता.
शहाना ने घोस्टिंग यानी अचानक संपर्क तोड़ने के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि खुले रिश्तों में ऐसा आमतौर पर नहीं होता क्योंकि सब कुछ पहले से स्पष्ट और ईमानदार होता है. वे खुद किसी को घोस्ट नहीं करती.