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मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जब ईरान ने अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद करने का फैसला लिया. पहले इसे खोलने की घोषणा की गई थी, लेकिन अमेरिका की सख्त नाकाबंदी और बयानबाजी के बाद स्थिति बदल गई. इस कदम से वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका है. खासतौर पर भारत समेत कई देशों के तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे चिंता और गहरी हो गई है.
ईरान ने शनिवार को घोषणा करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब पूरी तरह उसके सशस्त्र बलों के नियंत्रण में है. इस जलमार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. यह फैसला पहले के उस ऐलान से अलग है, जिसमें मार्ग को खोलने की बात कही गई थी.
ईरान का यह कदम अमेरिका के उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा था कि नाकाबंदी जारी रहेगी. जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता नहीं करता, तब तक राहत नहीं मिलेगी.
28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के बाद से ही इस क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. इसके चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावित रही. यह मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई भारतीय तेल टैंकरों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा. सन्मार हेराल्ड, देश गरिमा, देश वैभव और देश विभोर जैसे जहाज दुबई से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन हालात के कारण यू-टर्न लेना पड़ा.
ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक उसकी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी, तब तक इस मार्ग से आवाजाही नहीं होगी. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है.