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ईरान का कुवैत पर बड़ा हमला! मिसाइल और ड्रोन से दहला इलाका, एयर डिफेंस एक्टिव

ईरान ने सोमवार सुबह-सुबह कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया. कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) के अनुसार सायरन के बाद सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है.

Calendar Last Updated : 01 June 2026, 12:34 PM IST
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कुवैत: सोमवार की सुबह कुवैत में अचानक हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब पूरे देश में सायरन की आवाज गूंजने लगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन के जरिए बड़ा हमला किया गया, जिसके बाद लोगों में डर का माहौल बन गया और कई लोग सुरक्षित जगहों की ओर चले गए. इस बीच कुवैत की सेना तुरंत हरकत में आई और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया.

कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार चेतावनी सायरन बजते रहे. सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्टिव करते हुए आने वाले हमलों को रोकने की कोशिश की. अधिकारियों का कहना है कि मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम पहले से मजबूत किए गए थे और इसी वजह से तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकी.

अमेरिका ने की सैन्य कार्रवाई की पुष्टि

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) ने भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है. अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कदम आत्मरक्षा (Self-Defense) के तहत उठाया गया. CENTCOM के मुताबिक, हाल ही में ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उड़ रहे अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को निशाना बनाए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई की गई. 

अमेरिकी सेना ने बताया कि उनकी कार्रवाई सीमित और सोच-समझकर की गई, जिसका मकसद बड़े संघर्ष को बढ़ाना नहीं बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करना था. अमेरिकी बयान में यह भी कहा गया कि इस दौरान ईरान के कुछ एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और ड्रोन से जुड़ी कुछ सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया. गोरुक क्षेत्र और केश्म द्वीप पर मौजूद कुछ रडार और ड्रोन कंट्रोल साइट्स पर भी कार्रवाई की बात सामने आई.

इजरायल और लेबनान के बीच भी बढ़ी हलचल

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर केवल कुवैत या ईरान तक सीमित नहीं दिख रहा. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशों के कमजोर पड़ने के बीच इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को लेबनान के कुछ इलाकों में हमले हुए, जिनमें कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है. इससे क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और अधिक बढ़ता नजर आ रहा है.

बातचीत की कोशिशें भी जारी

इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजरायल और लेबनान के नेताओं से बातचीत की. उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए राजनयिक रास्ता अपनाने की बात की. अमेरिकी पक्ष की ओर से एक प्रस्ताव भी रखा गया, जिसमें कहा गया कि अगर हिज्बुल्लाह इजरायल पर हमले रोक देता है, तो बदले में इजरायल भी बेरूत में तनाव बढ़ाने से बचे. हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर अभी कोई ठोस सहमति सामने नहीं आई है और बातचीत का रास्ता अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.

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