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मस्क के आगे झुका पेंटागन! युद्ध के बीच स्टारलिंक इंटरनेट की दरें 5 गुना बढ़ीं, मची खलबली

जियोपॉलिटिक्स और आधुनिक युद्ध के मैदान में तकनीक की ताकत क्या होती है, इसका एक बड़ा उदाहरण ईरान युद्ध के बीच देखने को मिल रहा है.

Calendar Last Updated : 27 May 2026, 08:19 AM IST
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नई दिल्ली: जियोपॉलिटिक्स और आधुनिक युद्ध के मैदान में तकनीक की ताकत क्या होती है, इसका एक बड़ा उदाहरण ईरान युद्ध के बीच देखने को मिल रहा है. अमेरिकी सेना और अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के बीच स्टारलिंक इंटरनेट सेवा की कीमतों को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच मस्क की कंपनी ने इंटरनेट शुल्कों में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिसके चलते अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) को अब पांच गुना अधिक कीमत चुकाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

लुकास ड्रोन और स्टारलिंक का कनेक्शन

अमेरिकी सेना इस युद्ध में 'लुकास' नामक अत्यधिक संवेदनशील और सटीक हमला करने वाले कॉमिकाजे ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है. ये ड्रोन पूरी तरह से मस्क के स्टारलिंक नेटवर्क पर निर्भर हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में पेंटागन प्रत्येक स्टारलिंक टर्मिनल के लिए करीब 5,000 डॉलर प्रतिमाह चुका रहा था.

परंतु, स्पेसएक्स ने अचानक यह तर्क देकर कीमतें बढ़ा दीं कि ये ड्रोन सामान्य इंटरनेट का नहीं, बल्कि 'विमान श्रेणी' की हाई-एंड सेवा का उपयोग कर रहे हैं. कंपनी के अनुसार, इस प्रीमियम सेवा की वास्तविक कीमत 25,000 डॉलर प्रतिमाह होनी चाहिए.

पेंटागन का विरोध और बेबसी

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इस बढ़ोतरी का कड़ा विरोध किया. पेंटागन का तर्क था कि 25,000 डॉलर की कीमत उन विमानों के लिए है जो लगातार नेटवर्क में रहते हैं, जबकि ये आत्मघाती ड्रोन मिशन के दौरान सिर्फ कुछ मिनट या घंटों के लिए ही इंटरनेट का उपयोग करते हैं और अंत में खुद को नष्ट कर लेते हैं. लेकिन ईरान पर हमले तेज होने और युद्ध के बीच कोई दूसरा विकल्प न होने के कारण, पेंटागन को झुकना पड़ा और बढ़ी हुई दरें माननी पड़ीं. इस फैसले से हर एक लुकास ड्रोन को ऑपरेट करने की लागत लगभग दोगुनी हो गई है.

सैन्य क्षेत्र में मस्क का एकाधिकार

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ही युद्धक्षेत्र में स्टारलिंक की भूमिका काफी बढ़ गई है. पृथ्वी की कक्षा में स्पेसएक्स के करीब 10,000 सक्रिय उपग्रह हैं. अमेरिकी सेना इसके विशेष सैन्य संस्करण ‘स्टारशील्ड’ का उपयोग कर रही है, जो ड्रोन और मानवरहित नौकाओं को सुरक्षित संचार प्रदान करता है. ईरान युद्ध की शुरुआत तक सेना के एक दर्जन से अधिक ड्रोन सिस्टम इससे जुड़ चुके थे.

 ईरान में इंटरनेट पर भी तनातनी

विवाद सिर्फ सेना तक सीमित नहीं है. अमेरिका चाहता था कि ईरान में सरकारी पाबंदियों को बायपास कर वहां के नागरिकों को सीधी मोबाइल इंटरनेट सेवा दी जाए. इसके लिए स्पेसएक्स ने 50 करोड़ डॉलर एडवांस और 10 करोड़ डॉलर प्रतिमाह के संचालन शुल्क की मांग रख दी, जिसने पेंटागन के अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना ने साबित कर दिया है कि एलन मस्क की कंपनी अब राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में एक बड़ी रणनीतिक ताकत बन चुकी है.

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