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POK में पाकिस्तान की नई मुसीबत! ड्यूटी से बच रहे पुलिसकर्मी, एक बर्खास्त

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में जारी अशांति के बीच एक नई चुनौती पाकिस्तान सरकार के सामने खड़ी हो गई है. रिपोर्ट के अनुसार, कई पुलिसकर्मी पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान में तैनाती मिलने के बावजूद ड्यूटी ज्वॉइन करने से बच रहे हैं.

Calendar Last Updated : 09 June 2026, 03:53 PM IST
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नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में जारी अशांति के बीच एक नई चुनौती पाकिस्तान सरकार के सामने खड़ी हो गई है. हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कई पुलिसकर्मी पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान में तैनाती मिलने के बावजूद ड्यूटी ज्वॉइन करने से बच रहे हैं. वहीं इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. 

पुलिसकर्मी को किया बर्खास्त 

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हाल ही में एक पुलिसकर्मी को ड्यूटी पर न पहुंचने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. इसके साथ ही अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि ऐसे मामलों की पहचान के लिए विस्तृत सूची तैयार की जा रही है.  बता दें, सरकार भविष्य में सख्त नियम बनाकर बड़ी संख्या में अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कदम उठा सकती है. 

क्यों ड्यूटी से भाग रहे पुलिसकर्मी 

जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मियों के ड्यूटी से दूरी बनाने के पीछे सबसे बड़ा कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएं बताई जा रही है. पिछले कुछ समय से पीओके में विरोध प्रदर्शनों और झड़पों की घटनाएं बढ़ी हैं. वहीं हाल के प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की जान चली गई, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे. यहीं कारण है कि लगातार बढ़ती हिंसा ने सुरक्षा बलों के बीच चिंता पैदा कर दी है.

वेतन को लेकर जताई नाराजगी 

इसके अलावा वेतन और भत्तों को लेकर भी पुलिसकर्मियों में नाराजगी बताई जा रही है. कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें अन्य पाकिस्तानी प्रांतों की तुलना में काफी कम वेतन मिलता है. वे लंबे समय से वेतनमान में संशोधन और सुविधाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं. इसी मुद्दे को लेकर पिछले वर्ष हजारों पुलिसकर्मी विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे. 

आरक्षित सीटों पर पुनर्विचार की मांग 

पीओके में मौजूदा तनाव की एक वजह राजनीतिक मुद्दे भी हैं. बता दें, क्षेत्र में प्रस्तावित चुनावों से पहले विभिन्न समूह सड़कों पर उतर आए हैं. इस दौरान  प्रदर्शनकारियों की मांग है कि विधानसभा में शरणार्थी कश्मीरियों के लिए आरक्षित सीटों की व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए, जिस मुद्दे को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में पाकिस्तान सरकार के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रशासनिक तंत्र को सुचारु रूप से चलाना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. 

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