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'मुख्यमंत्री मांवां धीयां सत्कार योजना' के सीधे बैंक ट्रांसफर पर महिलाओं ने जताया पंजाब सरकार का आभार

पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य में लागू की गई ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ ने महिला सशक्तिकरण और पारदर्शी सुशासन का एक नया मॉडल पेश किया है.

Calendar Last Updated : 24 July 2026, 05:22 PM IST
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चंडीगढ़: पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य में लागू की गई ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ ने महिला सशक्तिकरण और पारदर्शी सुशासन का एक नया मॉडल पेश किया है. इस योजना के तहत वित्तीय सहायता राशि को सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने के निर्णय का राज्यभर की महिलाओं ने दिल खोलकर स्वागत किया है. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली ने न केवल बिचौलियों की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म कर दिया है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के हाथों में सीधे आर्थिक अधिकार और फैसला लेने की स्वायत्तता भी सौंपी है.

1,149 करोड़ की राशि हो चुकी है ट्रांसफर

पंजाब सरकार अब तक इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत डीबीटी प्रणाली के माध्यम से लगभग 33 लाख पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ₹1,149 करोड़ की भारी-भरकम राशि सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर चुकी है. इस योजना के ढाँचे के अनुसार, अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह की तीन किस्तों के रूप में कुल ₹4,500 दिए गए हैं, जबकि अन्य सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की लाभार्थियों को ₹1,000 की तीन किस्तों में कुल ₹3,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है. योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है, जो इसे राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी और व्यापक महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बनाता है.

‘बिचौलिया-मुक्त व्यवस्था से सुरक्षित हुआ हमारा पैसा’

राज्य के विभिन्न जिलों से आई लाभार्थियों की प्रतिक्रियाएँ दर्शाती हैं कि इस योजना का ज़मीनी स्तर पर कितना गहरा और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव पड़ा है. महिलाओं का कहना है कि पैसा सीधे उनके बैंक खाते में आने से न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि वित्तीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है.

गुरदासपुर की 32 वर्षीय लाभार्थी सरबजीत कौर ने डीबीटी मॉडल की व्यावहारिकता की सराहना करते हुए कहा, मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने पैसा सीधे हमारे बैंक खातों में भेजा है, जिससे मैं बहुत खुश हूँ. अगर यह राशि नकद दी जाती तो शायद इसका सही उपयोग नहीं होता. कैश देंदे ता आदमी लोग पेग-शेग ते खर्च कर देंदे हैं… हुण साडा पैसा सेफ है. अब यह पैसा हमारे अपने ख़ाते में सुरक्षित है और जब भी घर की जरूरतों, राशन या बच्चों के लिए आवश्यक ख़र्चों की नौबत आएगी, हम इसे आसानी से निकाल सकते हैं.

वहीं, हरचोवाल गाँव की 35 वर्षीय गगनदीप कौर ने आवेदन प्रक्रिया की गति और सरलता पर प्रकाश डाला, मैंने अभी तक यह राशि बैंक से नहीं निकाली है क्योंकि जब वास्तविक जरूरत होगी तभी इसका उपयोग करूँगी. सरकार द्वारा आर्थिक सहायता देने का यह सबसे बेहतरीन और पारदर्शी तरीका है. अगर सरकार नकद बाँटती तो दफ्तरों में लंबी कतारें लगतीं. आवेदन करने के मात्र 5 से 6 दिनों के भीतर ही पैसा सीधे मेरे ख़ाते में आ गया. पूरी प्रक्रिया बेहद तेज़, पारदर्शी और बिना किसी मानसिक या शारीरिक परेशानी के पूरी हुई.

बेटियों की शिक्षा में मददगार

श्री हरगोबिंदपुर की 49 वर्षीय सुमन कुमारी के अनुसार, इस राशि ने उनके परिवार के घरेलू और शैक्षणिक खर्चों का बोझ काफी हद तक हल्का कर दिया है, इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि पैसा सीधे महिलाओं के खातों में आता है. मेरी दोनों बेटियाँ, जो इस समय उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिला है. इसके अलावा पंजाब सरकार द्वारा दी जा रही मुफ़्त राशन, मुफ्त बिजली और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाओं ने परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत दी है.

इसी भावना को दोहराते हुए मंडी अहमदगढ़ की हरपाल कौर कहती हैं, यह आर्थिक सहायता महिलाओं को उनकी प्राथमिकताओं के अनुसार खर्च करने का अधिकार देती है. मैंने यह राशि घर की ज़रूरतों पर ख़र्च की है. बेटियों को भी यह राशि मिली है और वे अपनी पढ़ाई तथा व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा कर रही हैं. सरकार ने एह पैसा चंगी नीयत नाल दित्ता है, एह चंगी जगह ही खर्च करना चाहीदा है. जब पैसा नीयत और नीति दोनों के साथ दिया जाए, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है.

मजबूत बैंकिंग तंत्र

लाभार्थियों के उत्साह जनक फीडबैक के बीच पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सरकार के संकल्प को दोहराया. उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ महिलाओं को केवल वित्तीय सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान प्रदान करने का एक माध्यम है. हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ समयबद्ध तरीके से प्रत्येक पात्र महिला तक लाभ पहुँचाने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है. राज्य की कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी.

इतने बड़े पैमाने पर करोड़ों रुपये की राशि को सुरक्षित और निर्बाध रूप से लाखों खातों में स्थानांतरित करने का श्रेय इस योजना के नोडल बैंकिंग साझेदार एक्सिस बैंक को भी जाता है. एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड रेनॉल्ड डी’सूज़ा ने इस साझेदारी पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, पंजाब सरकार के साथ भागीदार बनकर इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने पर एक्सिस बैंक को अत्यंत गर्व है. यह पहल लाखों महिलाओं के जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है.

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