menu-icon
The Bharatvarsh News

रूस ने विदेशी नागरिकों से किया कीव छोड़ने का आग्रह, क्या युक्रेन पर मंडरा रहा खतरा?

रूस ने कीव में बड़े और लगातार हमलों की चेतावनी देते हुए विदेशी नागरिकों को शहर छोड़ने की सलाह दी है. रूस का कहना है कि यूक्रेन की ओर से रूसी इलाकों पर लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के जवाब में अब जवाबी कार्रवाई तेज की जाएगी.

Calendar Last Updated : 26 May 2026, 08:49 AM IST
Share:

कीव: यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध अब एक और खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. रूस ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में कीव पर बड़े और लगातार हमले किए जा सकते हैं. इतना ही नहीं, मॉस्को ने विदेशी नागरिकों और राजनयिकों तक को यूक्रेन की राजधानी छोड़ने की सलाह दे दी है. इस चेतावनी के बाद पूरे यूरोप में चिंता बढ़ गई है और एक बार फिर युद्ध के और भयानक होने की आशंका तेज हो गई है. हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि आने वाले दिन यूक्रेन के लिए बेहद मुश्किल साबित हो सकते हैं.

रूसी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि उसकी सेना अब कीव में मौजूद यूक्रेन के रक्षा ढांचे और ड्रोन निर्माण से जुड़ी जगहों को निशाना बनाएगी. रूस का कहना है कि यूक्रेन लगातार ड्रोन हमलों के जरिए रूसी इलाकों को निशाना बना रहा है, जिसके जवाब में अब जवाबी कार्रवाई तेज की जाएगी. रूस के मुताबिक, यूक्रेन के कई सैन्य केंद्र और ड्रोन ऑपरेशन से जुड़ी सुविधाएं कीव में फैली हुई हैं. ऐसे में इन ठिकानों पर 'सुनियोजित और लगातार' हमले किए जाएंगे. मॉस्को ने आरोप लगाया कि नाटो देशों के विशेषज्ञ यूक्रेन को तकनीकी मदद, खुफिया जानकारी और हथियारों से सहयोग दे रहे हैं.

विदेशी नागरिकों को तुरंत शहर छोड़ने की सलाह

रूस की तरफ से जारी बयान में विदेशी नागरिकों, दूतावास कर्मचारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में काम कर रहे लोगों को जल्द से जल्द कीव छोड़ने की चेतावनी दी गई. इसके अलावा आम नागरिकों से भी कहा गया कि वे सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों के आसपास जाने से बचें. इस चेतावनी ने कीव में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है. लोगों को आशंका है कि रूस आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर सकता है.

ड्रोन हमलों के बाद भड़का रूस

हाल के महीनों में यूक्रेन ने ड्रोन तकनीक का तेजी से इस्तेमाल किया है. रूस का दावा है कि स्टारोबिलस्क इलाके में हुए एक बड़े ड्रोन हमले में 18 लोगों की मौत हुई और 42 लोग घायल हुए. इसी घटना के बाद रूस ने अपना रुख और आक्रामक कर लिया. मॉस्को ने इन हमलों को “आतंकवादी कार्रवाई” बताया है. इसके जवाब में रूस लगातार यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे, सैन्य केंद्रों और रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल हमले कर रहा है.

लावरोव और रुबियो के बीच हुई बातचीत

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी इस मुद्दे पर बातचीत की. रूस ने अमेरिका को बताया कि यूक्रेन द्वारा नागरिक इलाकों को निशाना बनाए जाने के जवाब में ही यह सैन्य कार्रवाई की जा रही है. रूस का कहना है कि उसका निशाना केवल वे केंद्र हैं, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी सेना कर रही है. हालांकि पश्चिमी देशों ने रूस के इन दावों पर सवाल उठाए हैं.

यूक्रेन ने मांगी और सैन्य मदद

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने माना है कि देश को एयर डिफेंस सिस्टम और बैलिस्टिक मिसाइल रोकने वाली तकनीक की भारी जरूरत है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर रक्षा क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. जेलेंस्की ने कहा कि मौजूदा हालात में हवाई सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है. उन्होंने यह भी माना कि दुनिया में इस समय एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम की कमी है, लेकिन यूक्रेन हर संभव रास्ता तलाश रहा है.

सम्बंधित खबर

Recent News