शरीफ़ उस्मान हादी की मौत से बांग्लादेश में उबाल, भारत विरोधी नारे से गूंजा ढाका

बांग्लादेश के प्रमुख छात्र नेता और इंक़िलाब मंच के संयोजक शरीफ़ उस्मान हादी की सिंगापुर में मौत हो गई. वे पिछले हफ़्ते ढाका में गोली लगने से घायल हो गए थे.

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बांग्लादेश के प्रमुख छात्र नेता और इंक़िलाब मंच के संयोजक शरीफ़ उस्मान हादी की सिंगापुर में मौत हो गई. वे पिछले हफ़्ते ढाका में गोली लगने से घायल हो गए थे. उनकी मौत की खबर फैलते ही पूरे देश में बड़े विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. लोग सड़कों पर उतर आए. कई जगहों पर हिंसा हुई.

12 दिसंबर को ढाका के पल्टन इलाके में शरीफ उस्मान हादी चुनाव प्रचार कर रहे थे, नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी. वे बैटरी रिक्शा में सवार थे. गंभीर हालत में उन्हें पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया. फिर एवरकेयर अस्पताल में भर्ती किया. हालत बिगड़ने पर 15 दिसंबर को एयर एम्बुलेंस से सिंगापुर भेजा गया. सिंगापुर जनरल अस्पताल में न्यूरोसर्जिकल यूनिट में इलाज चला. डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई.

सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि

सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया. जिसमें कहा गया कि डॉक्टरों ने पूरी मेहनत की, लेकिन हादी चोटों से नहीं बच सके. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने टीवी पर राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने हादी को जुलाई क्रांति का निडर योद्धा बताया. मौत की ख़बर पर गहरा दुख जताया.

मौत की खबर मिलते ही ढाका के शाहबाग चौराहे पर हज़ारों लोग जमा हो गए. छात्र और समर्थक नारे लगाते रहे. 'तुम कौन, मैं कौन – हादी, हादी' जैसे नारे गूंजे. कई प्रदर्शनों में भारत विरोधी बातें हुईं. कुछ लोगों ने दावा किया कि हमलावर भारत भाग गए. नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता सरजिस आलम ने कहा कि हत्यारों को भारत न सौंपे तो भारतीय दूतावास बंद करो. चटगांव में भारतीय सहायक हाई कमीशन पर पत्थर फेंके गए.

चुनाव से पहले ढाका में बवाल 

प्रदर्शनकारियों ने ढाका में प्रमुख अखबार प्रोथोम आलो और डेली स्टार के दफ़्तरों पर हमला किया, आग लगाई गई. पत्रकार अंदर फंस गए, इतना ही नहीं राजशाही में अवामी लीग के दफ़्तर में आग लगाई गई. कई जगहों पर तोड़फोड़ हुई. मुहम्मद यूनुस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि हत्यारों को सख्त सजा मिलेगी, कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.

उन्होंने जांच के लिए समय मांगते हुए शनिवार को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया. इस दौरान सभी सरकारी इमारतों पर झंडा आधा झुका रहेगा. सरकार ने हादी की पत्नी और बच्चे की देखभाल की ज़िम्मेदारी ली. पुलिस ने मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद के परिवार को गिरफ़्तार किया. हत्यारों की जानकारी देने पर 50 लाख टका इनाम का ऐलान किया. यह घटना बांग्लादेश की राजनीति में नया तनाव पैदा कर रही है. फरवरी में होने वाले चुनाव से पहले शांति बनाए रखना बड़ी चुनौती है.

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