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भारत में H1B वीजा दावेदारों की बढ़ी परेशानी, कई इंटरव्यू अगले साल तक टले

भारत स्थित अमेरिकी एम्बेसी ने मंगलवार रात एक एडवाइजरी जारी की. इसमें कहा गया कि यदि आपको ईमेल मिला है कि आपकी अपॉइंटमेंट रीशेड्यूल हो गई है, तो मिशन इंडिया आपकी नई तारीख पर सहायता करेगा.

Calendar Last Updated : 10 December 2025, 10:20 AM IST
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अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट की नई सोशल मीडिया वेटिंग पॉलिसी के चलते भारत में H1B वीज़ा के हजारों आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई इंटरव्यू अपॉइंटमेंट्स को अचानक अगले साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया है, जिससे आवेदकों में चिंता बढ़ गई है.

भारत स्थित अमेरिकी एम्बेसी ने मंगलवार रात एक एडवाइजरी जारी की. इसमें कहा गया कि यदि आपको ईमेल मिला है कि आपकी अपॉइंटमेंट रीशेड्यूल हो गई है, तो मिशन इंडिया आपकी नई तारीख पर सहायता करेगा. जिन आवेदकों ने रीशेड्यूलिंग नोटिस मिलने के बाद भी पुरानी इंटरव्यू डेट पर पहुंचने की कोशिश की, उन्हें एम्बेसी या कॉन्सुलेट में एंट्री नहीं दी जाएगी.

एम्बेसी ने क्या कहा?

एम्बेसी ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल नई अपडेटेड डेट पर ही आवेदकों को प्रोसेस किया जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिसंबर मध्य से दिसंबर अंत तक निर्धारित इंटरव्यू अब मार्च के लिए शिफ्ट किए गए हैं. कुल कितनी अपॉइंटमेंट रीशेड्यूल हुई हैं, यह आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है. बिज़नेस इमिग्रेशन लॉ फर्म के वकील स्टीवन ब्राउन ने बताया कि मिशन इंडिया ने आने वाले हफ्तों के कई इंटरव्यू कैंसिल कर दिए हैं. ये अपॉइंटमेंट्स अब सोशल मीडिया वेटिंग प्रक्रिया के तहत मार्च में पुनः तय किए जाएंगे.

सोशल मीडिया अकाउंट्स की होगी जांच

अपडेटेड नियमों के तहत, H1B आवेदकों और उनके H4 डिपेंडेंट्स को अब अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी पब्लिक रखनी होगी. 15 दिसंबर से अधिकारी उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की गहन जांच करेंगे. यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी या पब्लिक सेफ्टी के लिए जोखिम तो नहीं हैं. पहले यह गहन जांच केवल स्टूडेंट्स और एक्सचेंज विज़िटर्स पर लागू होती थी. स्टेट डिपार्टमेंट ने बयान दिया कि हर वीज़ा डिसीजन एक नेशनल सिक्योरिटी डिसीजन है.

H1B वीज़ा कुशल विदेशी वर्कर्स के लिए एक प्रमुख मार्ग है, लेकिन हाल के महीनों में इसपर सख्ती बढ़ी है. सोशल मीडिया वेटिंग इसी कड़ी का ताजा कदम है. सितंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए H1B वर्क वीज़ा पर 1 लाख डॉलर की एकमुश्त फीस लागू कर दी. विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा असर भारत के उन प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा जो अमेरिका में अस्थायी नौकरी की तलाश में हैं.

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