सीमा पर आग: पाकिस्तान और अफगानिस्तान झड़पों में दूसरा हफ्ता, एक लाख से ज्यादा लोग बेघर

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर पिछले एक हफ्ते से जारी भीषण संघर्ष में संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 1 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं.

Calendar
फॉलो करें:
Courtesy: @herqles_es

नई दिल्ली: पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव अब खुले युद्ध में बदल चुका है. शुक्रवार को दर्जनों जगहों पर गोलीबारी और धमाकों ने लोगों की जिंदगी छीन ली. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, एक हफ्ते में 1 लाख से ज्यादा लोग घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए. अफगानिस्तान पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बना रहा है, तो पाकिस्तान तालिबान के ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है. बगराम एयरबेस तक हमलों की खबरें हैं. दोनों देशों में अस्थिरता बढ़ रही है, और आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.

सीमा पर रोजाना गोलीबारी का सिलसिला

दोनों देशों की सेनाएं 2600 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन पर लगातार टकरा रही हैं. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उन्होंने दो दर्जन से ज्यादा पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया, 14 चौकियां नष्ट कीं और एक ड्रोन गिराया. रात भर चली लड़ाई में सात अफगान नागरिक और तीन तालिबान लड़ाके मारे गए. पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में अफगान ठिकानों को निशाना बनाया.

पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई और बगराम पर हमला

पाकिस्तानी सेना ने कंधार जैसे तालिबान के मजबूत गढ़ पर हवाई और जमीनी अभियान चलाए. बगराम एयरबेस पर भी हमले की पुष्टि हुई, जहां गोदाम और हैंगर क्षतिग्रस्त हुए. अफगान पक्ष ने दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तानी विमानों को रोक दिया, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों से नुकसान साफ दिख रहा है. ये हमले संघर्ष को और गहरा बना रहे हैं.

नागरिक इलाकों में मोर्टार से तबाही

खैबर पख्तूनख्वा के दक्षिण वजीरिस्तान में अफगानिस्तान की ओर से दागे मोर्टार गोले एक घर पर गिरे, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई. मोहम्मद जिले में इफ्तार से पहले दो घरों पर गोले गिरने से दो महिलाएं और दो बच्चे समेत सात लोग घायल हुए. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए. स्थानीय लोग अब घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की तलाश में हैं.

प्रदर्शन और बढ़ती अस्थिरता

काबुल में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन हुए, जहां सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और नारे लगाए. लघमान प्रांत में भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखे गए. दोनों तरफ से दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कोई सुलह की बात नहीं हो रही. क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है, और मानवीय संकट गहरा रहा है.

विस्थापितों की बढ़ती संख्या और चिंता

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अफगानिस्तान में 1 लाख 15 हजार से ज्यादा और पाकिस्तान में 3 हजार लोग विस्थापित हुए हैं. पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान के प्रांतों में लोग बड़े पैमाने पर भाग रहे हैं. यह संघर्ष नागरिकों पर भारी पड़ रहा है, जहां पहले से ही मानवीय मदद की जरूरत थी.

Tags :