Republic Day 2026: 'ऐतिहासिक है हमारा रिश्ता', गणतंत्र दिवस पर ट्रंप ने की भारत की तारीफ

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को विशेष शुभकामनाएं भेजी हैं.

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नई दिल्ली: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को विशेष शुभकामनाएं भेजी हैं. टैरिफ और व्यापारिक तनाव के बीच ट्रंप का यह संदेश दोनों देशों के बीच कूटनीतिक नरमी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. ट्रंप ने अमेरिका और भारत के संबंधों को ऐतिहासिक बताते हुए दोनों राष्ट्रों को दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र का संगम करार दिया. राष्ट्रपति ट्रंप का यह संदेश दिखाता है कि तमाम व्यापारिक मतभेदों के बावजूद, भारत को नजरअंदाज करना अमेरिका के लिए मुमकिन नहीं है.

ट्रंप का संदेश

राष्ट्रपति ट्रंप ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों की ओर से, मैं भारत सरकार और वहां की जनता को 77वें गणतंत्र दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूं. दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते हमारे बीच एक ऐतिहासिक रिश्ता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान उन कड़वाहटों को कम करने की कोशिश है जो पिछले साल टैरिफ विवाद के कारण पैदा हुई थीं.

राजदूत का उत्साह

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होकर इस पल को यादगार बताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि परेड के दौरान भारतीय आसमान में अमेरिकी निर्मित विमानों का गर्जना करना हमारी 'रणनीतिक साझेदारी' की ताकत का जीवंत प्रमाण है.

तारीफों के पीछे ट्रंप का दोहरा चेहरा

हालांकि ट्रंप के शब्द मधुर हैं, लेकिन पिछले एक साल का इतिहास काफी चुनौतीपूर्ण रहा है. ट्रंप प्रशासन ने भारतीय आयात पर भारी शुल्क लगाए हैं. भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर ट्रंप ने कई बार शुल्क बढ़ाने की धमकियां दी थीं. भारत ने इन टैरिफ को अनुचित और अतार्किक बताते हुए स्पष्ट किया है कि वह अपनी आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा.

रणनीतिक साझेदारी का भविष्य

भले ही व्यापारिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच खींचतान जारी है, लेकिन रक्षा और सुरक्षा के मामलों में भारत और अमेरिका का साथ आना चीन जैसी वैश्विक चुनौतियों के लिए महत्वपूर्ण है. राजदूत गोर का अमेरिकी विमानों का जिक्र करना इसी सैन्य मजबूती की ओर इशारा करता है.

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