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नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता नजर आ रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा चार वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल हमले की खबर सामने आने के बाद पूरी दुनिया की नजरें खाड़ी क्षेत्र पर टिक गई हैं. इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और रक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है.
इसी बीच ईरान के सरकारी टेलीविजन ने शुक्रवार तड़के एक और बड़ा दावा कर सनसनी फैला दी. ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाम प्रांत के बुशहर इलाके में एक अमेरिकी सैन्य विमान को मार गिराया गया है. हालांकि अमेरिका या पेंटागन की ओर से अब तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने दावा किया है कि बुशहर प्रांत में अमेरिकी सैन्य विमान को नष्ट कर दिया गया है. इस दावे की पुष्टि के लिए सरकारी मीडिया ने बुशहर प्रांत के गवर्नर मसूद तंगेस्तानी के बयान का हवाला दिया है. इस खबर के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय रक्षा गलियारों में हलचल तेज हो गई.
हालांकि अमेरिकी प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. ऐसे में स्थिति को लेकर सस्पेंस लगातार बना हुआ है.
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है. वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. ऐसे में इस रणनीतिक मार्ग पर जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबर ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है.
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिकी सैन्य विमान को नष्ट किए जाने का दावा सही साबित होता है, तो खाड़ी क्षेत्र में हालात और ज्यादा विस्फोटक हो सकते हैं.
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच दोनों पक्षों की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तनाव का असर वैश्विक शेयर बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है. फिलहाल पूरी दुनिया की निगाहें मिडिल ईस्ट के ताजा घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं.