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मैग्नीशियम की कमी से हो सकती हैं कई बीमारियां, डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड्स

मैग्नीशियम की कमी से हृदय रोग, सिंगलटन और टाइप 2 डायबिटीज़ जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इन सभी बीमारियों से बचने के लिए आपको अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम लेना चाहिए. खास कर बच्चों और बुर्जुर्गों को अपने डाइट पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. 

Calendar Last Updated : 12 February 2025, 09:45 AM IST
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Magnesium Deficiency: शरीर को मजबूत रखने के लिए आपके ब्लड में मैग्नीशियम का पर्याप्त मात्रा होना जरुरी है. यह आपके हड्डियों को मजबूत बनाता है, साथ ही आपके बल्ड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है. मैग्नीशियम आपके मांसपेशियों और नसों को स्वस्थ रखने के लिए बेहद ज़रूरी है. जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है तो जी मिचलाना, उल्टी, मांसपेशियों में कमज़ोरी, कंपन और भूख न लगना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.

मैग्नीशियम की कमी से हृदय रोग, सिंगलटन और टाइप 2 डायबिटीज़ जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इन सभी बीमारियों से बचने के लिए आपको अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम लेना चाहिए. खास कर बच्चों और बुर्जुर्गों को अपने डाइट पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. 

आहार में शामिल करें मैग्नीशियम

डाइटिशियन के मुताबिक पुरुषों को प्रतिदिन 400 से 420 मिलीग्राम मैग्नीशियम की ज़रूरत होती है और महिलाओं को प्रतिदिन 310 से 320 मिलीग्राम मैग्नीशियम की ज़रूरत होती है. थकान कम करने और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने के लिए, मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने की ज़रूरत है. यहां कुछ मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ दिए गए हैं जिन्हें आहार में शामिल किया जाना चाहिए.

पालक: पालक मैग्नीशियम का भंडार है. एक कप पके हुए पालक में 157 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है. यह दैनिक ज़रूरत का 40 प्रतिशत पूरा करता है. साथ ही पालक में मौजूद आयरन और विटामिन सी शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बेहतर बनाता है और थकान दूर करने में मदद करता है. 

बादाम: मुट्ठी भर बादाम में 76 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है. स्वस्थ वसा और प्रोटीन से भरपूर बादाम पूरे दिन निरंतर ऊर्जा प्रदान करते हैं. ब्रिटिश जर्नल ऑफ़ न्यूट्रिशन (2016) द्वारा प्रकाशित एक समीक्षा में पाया गया कि बादाम खाने से ऊर्जा मिल सकती है और भूख कम करते हुए चयापचय में सुधार हो सकता है. 

एवोकाडो: एक पूरे एवोकाडो में पोटेशियम, फाइबर और स्वस्थ वसा के साथ लगभग 58 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है. जर्नल न्यूट्रिएंट्स (2019) में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि एवोकाडो का सेवन करने से ऊर्जा बढ़ती है.

कद्दू के बीज: कद्दू के बीज मैग्नीशियम का एक बड़ा स्रोत हैं. कद्दू की एक सर्विंग में 150 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है. इसके अतिरिक्त, कद्दू में मौजूद जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करने और मूड को बेहतर बनाने में फायदेमंद होते हैं. 

डार्क चॉकलेट: डार्क चॉकलेट में 64 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है. फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन (2020) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, डार्क चॉकलेट मूड को बेहतर बना सकती है. तनाव को कम कर सकती है और संतुलन में योगदान दे सकती है.

दही: एक कप दही में 42 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है. इसके प्रोबायोटिक्स आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में मदद करते हैं.

केला: पोटेशियम से भरपूर, एक केला 32 मिलीग्राम मैग्नीशियम प्रदान करता है. इसकी प्राकृतिक मिठास और फाइबर ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं. वर्कआउट से पहले खाने के लिए यह सबसे अच्छा फल है.

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