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Jairam Ramesh on Nishikant Dubey Supreme Court Remark: भाजपा नेता निशिकांत दुबे द्वारा दिए गए बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. अपने बयान में दुबे ने कहा था कि अगर कानून कोर्ट बनाएगा तो संसद की कोई जरुरत ही नहीं है. हालांकि पार्टी ने दुबे के इस बयान से खुद को अलग कर लिया. इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा है.
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश पर दो भाजपा सांसदों द्वारा की गई नृशंस टिप्पणियों से निवर्तमान भाजपा अध्यक्ष का दूर रहना बहुत मायने नहीं रखता. जब नफरत फैलाने वाले भाषण की बात आती है तो ये सांसद बार-बार अपराधी होते हैं और अक्सर जी2 द्वारा समुदायों, संस्थानों और व्यक्तियों पर हमला करने के लिए उनका इस्तेमाल किया जाता है.
जयराम रमेश ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के उन बयानों पर हमला किया है, जिसमें अध्यक्ष द्वारा अपने सांसदों के बयान से पार्टी को अलग कर लिया गया था. उन्होंने कहा कि निवर्तमान भाजपा अध्यक्ष का स्पष्टीकरण कुछ और नहीं बल्कि क्षति नियंत्रण है. यह किसी को मूर्ख नहीं बनाएगा. यह संपूर्ण राजनीतिक विज्ञान है जो खुद को संपूर्ण राजनीतिक पाखंड के रूप में दर्शाता है. रमेश ने दुबे की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि लेकिन निवर्तमान भाजपा अध्यक्ष न्यायपालिका पर समान रूप से अस्वीकार्य टिप्पणियों पर पूरी तरह से चुप हैं, जो एक उच्च संवैधानिक पद पर नियुक्त इसके बहुत ही प्रतिष्ठित व्यक्ति द्वारा लगातार की जाती हैं. इन टिप्पणियों के बारे में उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि इसपर क्या कहना है? क्या भाजपा उनसे सहमत है?
भाजपा ने दुबे की टिप्पणी से खुद को दूर करने में देर नहीं लगाई. उनकी टिप्पणियों को व्यक्तिगत बयान बताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि पार्टी इन विचारों का समर्थन या समर्थन नहीं करती है. नड्डा ने हिंदी में ट्वीट किया कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा न्यायपालिका का सम्मान किया है और उसके आदेशों और सुझावों को सहर्ष स्वीकार किया है, क्योंकि एक पार्टी के तौर पर हम मानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट समेत देश की सभी अदालतें हमारे लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं और संविधान की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ हैं.