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परेड में महिला सशक्तिकरण का भव्य प्रदर्शन, झांकी में 148 सदस्यीय महिला टुकड़ी ने लिया हिस्सा

सहायक कमांडेंट ऐश्वर्या जॉय एम के नेतृत्व में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 148 सदस्यीय महिला टुकड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया. इस टुकड़ी में वे महिलाएं शामिल थीं जो उग्रवाद विरोधी अभियानों और कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में तैनात हैं.  

Calendar Last Updated : 26 January 2025, 01:37 PM IST
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Republic Day 2025: नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई. परेड में महिला एवं बाल विकास पर आधारित झांकियों और महिला टुकड़ियों की सक्रिय भागीदारी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया.  

सहायक कमांडेंट ऐश्वर्या जॉय एम के नेतृत्व में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 148 सदस्यीय महिला टुकड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया. इस टुकड़ी में वे महिलाएं शामिल थीं जो उग्रवाद विरोधी अभियानों और कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में तैनात हैं.  

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

दिल्ली पुलिस की महिला बैंड ने लगातार दूसरे वर्ष बैंड मास्टर रुयांगुनो केंसे के नेतृत्व में भाग लिया. इसके अतिरिक्त वरिष्ठ अधिकारी एकता कुमारी के नेतृत्व में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गर्ल्स टुकड़ी और कैडेट मदेश अशोक व अंकिता कुमारी के नेतृत्व में एनसीसी संयुक्त बैंड ने परेड को भव्य बनाया. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 'मातृत्व, जीवन चक्र सातत्य दृष्टिकोण और महिला नेतृत्व विकास' थीम पर आधारित झांकी प्रस्तुत की. इसमें 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' पहल के तहत प्रारंभिक शिक्षा और महिलाओं के नेतृत्व को प्रदर्शित किया गया. झांकी ने बचपन से लेकर वयस्कता तक लड़कियों के जीवन चक्र समर्थन पर जोर दिया.  

महिला सशक्तिकरण की झलक

झारखंड की झांकी ने 'स्वर्णिम झारखंड: विरासत और प्रगति की विरासत' थीम के अंतर्गत राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को उजागर किया. झांकी में लैपटॉप का उपयोग करती हुई लड़कियां आदिवासी बच्चों की शिक्षा तक पहुंच का प्रतीक थीं. साथ ही, सोहराई भित्ति चित्रों के माध्यम से हस्तशिल्प तैयार करती महिलाएं राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शा रही थीं.  

ग्रामीण विकास मंत्रालय की झांकी ने 'लखपति दीदी योजना' पर प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की न्यूनतम आय ₹1 लाख सुनिश्चित करना है. झांकी में महिलाओं को बुनाई, कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों में संलग्न दिखाया गया. इस समारोह ने महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया. झांकियों और टुकड़ियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाएं देश के विकास की आधारशिला हैं.  

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