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उत्तरकाशी में बादल फटने से हड़कंप! नौ मजदूर लापता, बचाव अभियान शुरू

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मची. बड़कोट तहसील के पालीगाड़-सिलाई बैंड क्षेत्र में रात करीब 2 बजे बादल फटा. इस घटना से निर्माणाधीन होटल साइट को भारी नुकसान हुआ. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, नौ मजदूर लापता हैं.

Calendar Last Updated : 29 June 2025, 08:19 AM IST
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Uttarakhand Cloudburst: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मची. इस प्राकृतिक आपदा में एक निर्माणाधीन होटल साइट को नुकसान पहुंचा और नौ मजदूर लापता हो गए. भारी बारिश और भूस्खलन ने कई सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है. 

बड़कोट तहसील के पालीगाड़-सिलाई बैंड क्षेत्र में रात करीब 2 बजे बादल फटा. इस घटना से निर्माणाधीन होटल साइट को भारी नुकसान हुआ. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, नौ मजदूर लापता हैं. उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य ने बताया कि बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिए गए हैं.

बचाव अभियान में जुटा प्रशासन  

लापता मजदूरों की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं. जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि टीमें दिन-रात बचाव कार्य में जुटी हैं. यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-94) पर मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है. प्रशासन ने सड़क साफ करने के लिए NH विभाग को निर्देश दिए हैं. उत्तराखंड में लगातार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है. पहाड़ियों से मलबा गिरने के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं. रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग पर मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही रोक दी गई है. यह मार्ग केदारनाथ यात्रा का महत्वपूर्ण रास्ता है. तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन अलर्ट है.

केदारनाथ यात्रा पर असर  

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश की वजह से केदारनाथ यात्रा भी है. सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग पर मलबे के कारण शटल सेवा बंद है. प्रशासन ने यात्रियों को पैदल रास्ता पार करवाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा. गौरीकुंड से लेकर केदरनाथ तक का सफर कुछ ज्यादा कठिन हो गया है. इन इलाकों में खेती के लायक जमीनों को भी नुकसान पहुंचा है.हालांकि अभी तक जन हानि को लेकर सरकार की ओर से कोई अपडेट नहीं दिया गया है. हालांकि अभी भी कुछ जगहों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आपदा पर दुख जताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि बचाव दलों को युद्ध स्तर पर राहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है.

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