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दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे कल, भाजपा और आप के बीच होगी कड़ी जंग

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतगणना शनिवार को होगी, जिसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि आम आदमी पार्टी (आप) चौथी बार दिल्ली की सत्ता में बनेगी या भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) 26 साल के लंबे अंतराल के बाद दिल्ली में सरकार बनाएगी.

Calendar Last Updated : 07 February 2025, 10:44 PM IST
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नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतगणना शनिवार को होगी, जिसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि आम आदमी पार्टी (आप) चौथी बार दिल्ली की सत्ता में बनेगी या भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) 26 साल के लंबे अंतराल के बाद दिल्ली में सरकार बनाएगी.

पिछले दो चुनावों में एक भी सीट न जीतने के बाद कांग्रेस भी इस बार कुछ लाभ की उम्मीद कर रही है. हालांकि, उनका प्रदर्शन भी काफी प्रभावित दिख रहा है.

भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) का विवाद

चुनाव परिणामों की पूर्व संध्या पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर एक राजनीतिक हलचल मच गई, जब भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की टीम ने वहां पहुंचकर भाजपा द्वारा आप के उम्मीदवारों को खरीदने के प्रयास के संदर्भ में विवरण और सबूत मांगे. केजरीवाल ने एसीबी अधिकारियों से मिलने से इनकार किया और उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया। यह कार्रवाई उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आदेश के बाद की गई, जिन्होंने मामले की जांच के लिए एसीबी को निर्देश दिए थे.

मतगणना प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजाम

दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी, जो शहर के 11 जिलों में स्थित 19 मतगणना केंद्रों पर होगी. कई एग्जिट पोल्स में भाजपा को आप के मुकाबले बढ़त दिखाई गई है, जो 2015 से दिल्ली में शासन कर रही है. मतगणना केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 10,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.

कई मुद्दों पर पार्टीयों के आरोप-प्रत्यारोप

आप ने एग्जिट पोल्स को खारिज करते हुए दावा किया है कि वह फिर से सत्ता में आएगी और अरविंद केजरीवाल चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। वहीं, भाजपा ने आरोप लगाया है कि आप ने झूठे आरोप लगाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की है.

पार्टीयों के भविष्य का दांव

यदि आम आदमी पार्टी चुनाव जीत जाती है, तो यह केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी की लगातार तीसरी जीत होगी, जिससे उनके राजनीतिक कद में इजाफा होगा. दूसरी तरफ, भाजपा की जीत न केवल 26 साल के बाद दिल्ली में वापसी होगी, बल्कि यह उनके लिए आप के प्रभुत्व को तोड़ने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर होगा.

कांग्रेस की वापसी की कोशिशें

कांग्रेस, जो 2013 तक दिल्ली पर लगातार 15 वर्षों तक शासन कर चुकी थी, अब वापसी की कोशिश कर रही है. हालांकि, पिछले दो चुनावों में उन्हें एक भी सीट नहीं मिली, और इस बार भी पार्टी के पास ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं.

दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम में भाजपा और आप के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है, और यह चुनाव न केवल दिल्ली के लिए, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अहम है.

(इस खबर को भारतवर्ष न्यूज की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की हुई है)

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