menu-icon
The Bharatvarsh News

धमाकों के बीच दुबई से राहत की उड़ान! शिंदे की पहल से 84 छात्र समेत 160 महाराष्ट्रवासी मुंबई पहुंचे

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच दुबई में फंसे महाराष्ट्र के लगभग 160 लोग, जिनमें 84 छात्र भी शामिल हैं, मंगलवार देर रात दो चार्टर्ड उड़ानों से मुंबई पहुंचे.

Calendar Last Updated : 04 March 2026, 08:04 AM IST
Share:

मुंबई: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दुबई में फंसे महाराष्ट्र के लोगों के लिए मंगलवार की रात राहत लेकर आई. डर और अनिश्चितता के माहौल में घर लौटने की प्रतीक्षा कर रहे करीब 160 लोग, जिनमें 84 छात्र शामिल थे, आखिरकार दो विशेष चार्टर्ड विमानों से मुंबई पहुंच गए. एयरपोर्ट पर उनके चेहरों पर सुकून साफ झलक रही था.

इनमें पुणे स्थित इंदिरा विश्वविद्यालय के अधिकांश छात्र और तीन प्राध्यापक शामिल थे, जो पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय अध्ययन कार्यक्रम के तहत दुबई गए थे. वे पहले ही लौटने वाले थे, लेकिन अचानक युद्ध जैसे हालात बन जाने से वहीं रुक गए. स्टार एयर के दो एम्ब्रेयर विमानों के जरिए सभी को सुरक्षित मुंबई लाया गया.

शिंदे की पहल से संभव हुई वापसी

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने इन छात्रों और अन्य नागरिकों की वापसी के लिए पहल की. जैसे ही उन्हें दुबई में फंसे छात्रों की जानकारी मिली, उन्होंने निजी स्तर पर संपर्क साधकर व्यवस्था सुनिश्चित की. पार्टी पदाधिकारियों ने पश्चिम एशिया में फंसे पर्यटकों और छात्रों से संपर्क कर उनकी सूची तैयार की.

छात्रों ने साझा किए अनुभव

विश्वविद्यालय के प्रोफेसर चेतन वाकलकर ने बताया कि हालात बिगड़ने से पहले ही छात्रों की वापसी तय थी. अपनी घर वापसी के बाद सभी छात्र बहुत खुश हैं. इन छात्रों में से एक छात्र निहाल गावस ने दुबई छोड़ते समय धमाके की आवाज सुनने की बात कही. वहीं निखिल पाटिल ने बताया कि उनके माता-पिता उनके लिए बहुत परेशान थे, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने नियमित वीडियो भेजकर उन्हें आश्वस्त किया कि वह सुरक्षित हैं.

एयरपोर्ट पर स्वागत और आगे की व्यवस्था

मुंबई पहुंचने पर शिवसेना नेताओं ने सभी यात्रियों का स्वागत किया. पार्टी की ओर से उन्हें उनके घर तक पहुंचाने के लिए परिवहन की भी व्यवस्था की गई. कोल्हापुर की शकुंतला काशिद और उनके परिवार सहित कई पर्यटकों ने सुरक्षित वापसी पर राहत जताई.

उड़ानों पर युद्ध का असर

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में बदलती परिस्थितियों के कारण अब तक कुल 1,200 से ज्यादा भारतीय उड़ानें और सैकड़ों विदेशी उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं.

सम्बंधित खबर

Recent News