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Maharashtra Politics: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिरडी में भाजपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और विपक्षी गठबंधन पर तीखा प्रहार किया. शाह ने भाजपा और शिवसेना (यूबीटी) के बीच राजनीतिक मतभेदों का जिक्र करते हुए ठाकरे को 'गद्दार' करार दिया और उनकी राजनीति को 'वंशवाद और विश्वासघात' की मिसाल बताया.
शाह ने महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा-शिंदे के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की शानदार जीत का जिक्र किया. गठबंधन ने 288 में से 230 सीटें जीतकर विपक्ष को बुरी तरह परास्त कर दिया था. भाजपा 132 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) केवल 46 सीटों पर सिमट गई. शाह ने चुनाव परिणामों को उद्धव ठाकरे की राजनीति पर 'जनता का करारा जवाब' बताया.
शाह ने एनसीपी (सपा) प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि 1978 से ही महाराष्ट्र में 'विश्वासघात और वंशवाद' की राजनीति की शुरुआत पवार ने की थी. उन्होंने कहा कि अजीत पवार के नेतृत्व में एनसीपी का गुट अब भाजपा के साथ सहयोग कर रहा है, जो शरद पवार की राजनीतिक विरासत को समाप्त करने का संकेत है. अमित शाह ने दिल्ली, पश्चिम बंगाल और बिहार में विपक्षी भारत ब्लॉक के भीतर बढ़ते मतभेदों का जिक्र करते हुए भाजपा की आगामी जीत का दावा किया. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों में जोरदार प्रदर्शन के लिए तैयार रहने का आग्रह किया.
शाह ने शिवसेना (यूबीटी) द्वारा अकेले चुनाव लड़ने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे 'विनाशकारी कदम' बताया. उन्होंने दावा किया कि उद्धव ठाकरे ने विपक्ष के साथ गठजोड़ कर अपने समर्थकों और पार्टी को धोखा दिया है. गृहमंत्री ने महाराष्ट्र में भाजपा के रिकॉर्ड तोड़ सदस्यता अभियान की प्रशंसा की और पार्टी कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर सफलता के लिए मेहनत जारी रखने को कहा. उन्होंने 2025 की मजबूत शुरुआत का भरोसा दिलाते हुए आगामी चुनावों में भाजपा की जीत का वादा किया.