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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जल्द होगा फाइनल, दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक डील संभव

भारत भी इस समझौते को लेकर आशावादी है. वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस में कहा कि हम एक मजबूत व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं. दोनों देश एक-दूसरे के व्यवसायों को तरजीही पहुंच देना चाहते हैं.

Calendar Last Updated : 03 June 2025, 09:55 AM IST
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Us India Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में वापसी करते ही अपने टैरिफ योजना से पूरे दुनिया में हलचल मचा दिया. हालांकि अब खबर आ रही है कि अमेरिका भारत के साथ जल्द ही व्यापार समझौता करने वाला है.  अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जल्द ही हकीकत बन सकता है. उन्होंने यह बात नई दिल्ली में इस सप्ताह होने वाली अंतिम दौर की वार्ता से पहले कही है. 

USISPF के आठवें संस्करण में अपने भाषण में लुटनिक ने कहा कि हमें जल्द ही एक समझौता देखने को मिलेगा. दोनों देशों के लिए यह एक सही मौका है. उन्होंने बताया कि सही वार्ताकारों की मौजूदगी ने इस प्रगति को संभव बनाया है. लुटनिक ने यह भी संकेत दिया कि जल्दी समझौता करने से भारत को बेहतर शर्तें मिल सकती हैं. उन्होंने कहा कि जो देश पहले आएंगे, उन्हें बेहतर सौदा मिलेगा.

500 बिलियन डॉलर तक द्विपक्षीय व्यापार 

भारत भी इस समझौते को लेकर आशावादी है. वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस में कहा कि हम एक मजबूत व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं. दोनों देश एक-दूसरे के व्यवसायों को तरजीही पहुंच देना चाहते हैं. भारत इस समझौते के जरिए व्यापार को बढ़ाने और बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. गोयल ने बताया कि दोनों पक्ष मिलकर एक ऐसी डील चाहते हैं, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा सबसे पहले फरवरी 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी. इस समझौते का पहला चरण सितंबर या अक्टूबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है. इसका लक्ष्य है द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक ले जाना है. यह समझौता दोनों देशों के व्यवसायों को तरजीही बाजार पहुंच देगा और व्यापार को नए आयाम देगा.

दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने में जुटा

नई दिल्ली में इन दिनों एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मौजूद है. यह दल अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने के लिए चर्चा कर रहा है. जून के अंत तक इस डील को पूरा करने का लक्ष्य है. भारत इस मौके का फायदा उठाकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है. साथ ही, भारत अमेरिका से भारतीय निर्यात पर लगने वाले 26 प्रतिशत शुल्क से छूट की मांग भी कर रहा है. यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. दोनों देशों के व्यवसायों को नए अवसर मिलेंगे. भारत के लिए यह समझौता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वैश्विक बाजार में उसकी स्थिति को और मजबूत करेगा. लुटनिक और गोयल, दोनों ने इस डील को लेकर उत्साह दिखाया है. अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो यह समझौता दोनों देशों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा.  

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