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महाराष्ट्र के GBS से मौत का पहला मामला! जांच में जुटे अधिकारी

राज्य के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि रविवार को जीबीएस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 101 हो गई. जिसमें 68 पुरुष और 33 महिलाएं शामिल हैं. इनमें से 16 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. सोलापुर में एक संदिग्ध मौत की सूचना मिली है.

Calendar Last Updated : 27 January 2025, 10:34 AM IST
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GBS: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) से संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई. हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टी नहीं हुई है, लेकिन संदेह है कि इसी कारण से व्यक्ति की मौत हुई हो. अधिकारियों ने बताया कि मृतक, जिसकी मृत्यु उसके पैतृक सोलापुर में हुई थी, वो पहले पुणे आया था. जहां उसे बीमारी होने का संदेह है. यह संभवतः महाराष्ट्र में जीबीएस, एक प्रतिरक्षा तंत्रिका विकार, के कारण हुई पहली मौत है.

राज्य के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि रविवार को जीबीएस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 101 हो गई. जिसमें 68 पुरुष और 33 महिलाएं शामिल हैं. इनमें से 16 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. सोलापुर में एक संदिग्ध मौत की सूचना मिली है.

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी

आंकड़ों से पता चलता है कि 95 मामले पड़ोसी नगर निगमों पुणे (81) और पिंपरी-चिंचवाड़ (14) से हैं. इस बीच रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) और पुणे नगर निगम (पीएमसी) के स्वास्थ्य विभाग ने शहर के प्रभावित सिंहगढ़ रोड इलाके में निगरानी जारी रखी. कुल मिलाकर अब तक कुल 25,578 घरों का सर्वेक्षण किया गया है. जिसमें पीएमसी सीमा में 15,761, चिंचवाड़ एमसी सीमा में 3,719 और जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 6,098 घर शामिल हैं.

गिलियन-बैरे सिंड्रोम क्या है?

गिलियन-बैरे सिंड्रोम एक दुर्लभ स्थिति है जो मांसपेशियों में अचानक सुन्नता और कमजोरी दोनों का कारण बनती है. जिसमें अंगों में गंभीर कमजोरी, दस्त आदि शामिल हैं. डॉक्टरों का कहना है कि जीवाणु और वायरल संक्रमण आम तौर पर जीबीएस का कारण बनते हैं क्योंकि ये रोगियों की प्रतिरक्षा को कमजोर करते हैं.

डॉक्टरों के अनुसार जीबीएस बाल चिकित्सा और युवा आयु वर्ग दोनों में प्रचलित है. यह महामारी या महामारी का कारण नहीं बनेगा, और अधिकांश रोगी उपचार के साथ पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं.महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने 24 संदिग्ध मामलों के शुरू में पाए जाने के बाद इस संक्रमण में अचानक वृद्धि की जांच के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया.

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