West Bengal: ईडी पर हमले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख पर बड़ी कार्रवाई, केन्द्रीय जांच एजेंसी ने जारी किया लुकआउट सर्कुलर

West Bengal: ईडी की टीम कल (5 जनवरी) पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली गांव में राशन घोटाले के मामले में टीएमसी नेता एसके शाहजहां शेख के आवास पर छापेमारी की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए पहुंची थी. इस दौरान 200 लोगों की भारी भीड़ ने ईडी की टीम पर हमला कर दिया था.

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हाइलाइट्स

  • ईडी पर हमले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख पर बड़ी कार्रवाई,
  • केन्द्रीय जांच एजेंसी ने जारी किया लुकआउट सर्कुलर

West Bengal: पश्चिम बंगाल में कल (5 जनवरी)  हुए ईडी की टीम पर  हमले के मुख्य आरोपी टीएमसी नेता एसके शाहजहां शेख पर केन्द्रीय जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई की है. बता दें कि एजेंसी ने आरोपी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ईडी की छापेमारी के दौरान शाहजहां शेख अपने आवास पर ही  मौजूद था, लेकिन टीम पर हुए हमले के बाद वह अपने परिवार समेत घर से फरार है. 

एक जानकारी के अनुसार कल शाहजहां शेख ने बांग्लादेश भागने की भी कोशिश की थी. लेकिन  उसका ये प्रयास सफल नहीं हो पाया. दरअसल 7 जनवरी को बांग्लादेश में  लोकसभा के चुनाव है. जिसके चलते बीएसएफ और बीडीआर के सुरक्षा बालों की सीमा पर भारी संख्या में तैनाती की गई है. और बीएसएफ को शाहजहां शेख के बारे में भी अलर्ट जारी किया गया है. केंद्रीय जांच एजेंसियों के अनुसार शाहजहां और उसका परिवार पश्चिम बंगाल में ही कहीं छुपा हुआ है. 

क्या है ईडी पर हमले का मामला?

ईडी की टीम कल (5 जनवरी) पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली गांव में राशन घोटाले के मामले में टीएमसी नेता एसके शाहजहां शेख के आवास पर छापेमारी की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए पहुंची थी. इस दौरान 200 लोगों की भारी भीड़ ने ईडी की टीम पर हमला कर दिया था साथ ही भीड़ ने टीम के साथ आए केन्द्रीय सुरक्षाबलों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की थी. बता दें कि ईडी की इस टीम में असिस्टेंड डायरेक्टर भी शामिल थे. वहीं हमले में घायल हुए टीम के सदस्यों को कोलकता का स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 

हमले को लेकर टीएमसी ने भाजपा पर उठाए थे सवाल 

वहीं पश्चिम बंगाल में ईडी की टीम पर हुए हमले को लेकर टीएमसी सांसद शांतनु सेन ने कहा था , ''केंद्रीय बलों से घिरे केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भड़काया, इसलिए लगातार जवाबी प्रतिक्रियाएं हो रही हैं. असल बात तो यह है कि भारत के लोग इस गहरी साजिश को हर दिन दिल्ली से तैयार होने वाली इस गहरी निगरानी करते हुए देखकर निराश है. ऐसे ही कुछ पश्चिम बंगाल में टीएमसी के मामले में भी होता दिखाई दे रहा है. इसके विपरीत, जो व्यक्ति यह सब सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है वह भ्रष्टाचार की सूची में शीर्ष पर है. वह कैमरे के सामने पैसे को लेते हुए पकड़ा गया है. उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर भ्रष्टाचार का आरोप है लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई क्योंकि वे भाजपा से हैं.''