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Mallikarjun Kharge on Trump Tariffs: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शयेर करते हुए कहा कि आपकी विदेश नीति बर्बाद है और इसके लिए कांग्रेस के 70 सालों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है. साथ ही उन्होंने ट्रंप द्वारा लगाए गए इस आयात शुल्क को लेकर कहा कि जो भी देश भारत को उसकी रणनीतिक स्वायत्तता के लिए 'दंडित' करता है, वह 'भारत के मज़बूत ढांचे को नहीं समझता'.
खड़गे ने 1971 के बांग्लादेश युद्ध के दौरान 'सातवें बेड़े के खतरे' और परमाणु परीक्षणों के बाद लगाए गए प्रतिबंधों का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ 'आत्मसम्मान और गरिमा के साथ' संबंधों को संभाला. उन्होंने कहा कि अब भारत की ओर से कूटनीति 'विनाशकारी रूप से दुविधा में' है.
राज्यसभा विपक्ष के नेता ने दावा किया कि अगर भारत पर 50 प्रतिशत की टैरिफ लगाया गया तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर 3.75 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. उन्होंने विशेष रूप से छोटे उद्योगों, कृषि, फार्मा और कपड़ा उद्योग सहित अन्य क्षेत्रों के लिए चिंता की बात कही है. पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को टैग भी किया है. जिसमें उन्होंने सरकार की कथित रूप से पहले कार्रवाई न करने की विफलताओं के बारे में अपने तर्क को पुष्ट करने के लिए कुछ उदाहरण दिए.
उन्होंने इशारा किया कि जब पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का दावा किया था, तब प्रधानमंत्री मोदी 'चुप' रहे. उन्होंने कहा कि ट्रंप इस बारे में कम से कम 30 बार दावा कर चुके हैं और अभी भी गिनती जारी है. उन्होंने अपने पोस्ट में नवंबर 2024 का भी हवाला दिया, जब ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी.
खड़गे ने लिखा कि जब ट्रंप 'ब्रिक्स' को खत्म' घोषित कर रहे थे, तब प्रधानमंत्री मोदी वहां बैठे थे और साफ तौर पर मुस्कुरा रहे थे! खड़ग ने मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने केंद्रीय बजट में 'झटके को कम करने' के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए, जबकि ट्रंप के इरादे पहले से ही जगज़ाहिर थे. हालांकि पीएम मोदी ने आज दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी का रिप्लाई दिया है. उन्होंने कहा कि भारत अपने किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुझे मालूम है कि इसका उन्हें व्यक्तिगत नुकसान होगा लेकिन वे उसके लिए पूरी तरह से तैयार है.