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मोदी युग का नया अध्याय शुरू, PM मोदी ने नेहरू को पीछे छोड़ भारतीय राजनीति में बनाया नया रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाकर जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है. 4,399 दिन पूरे करने के साथ मोदी अब अपने 13वें साल में प्रवेश कर चुके हैं.

Calendar Last Updated : 10 June 2026, 11:35 AM IST
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लगातार चुने हुए प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री बनने वाले मोदी अब 4,399 लगातार दिन पूरे कर चुके हैं. इस उपलब्धि के साथ वह भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं. इससे पहले यह रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जिन्होंने 1952 के पहले आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री पद संभाला था.

लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटे मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में पहली बार केंद्र में सरकार बनाई थी. इसके बाद 2019 में उन्हें और बड़ा जनादेश मिला. वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA की जीत के बाद उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. लगातार तीन चुनाव जीतकर 12 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में बने रहना भारतीय राजनीति में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

बीजेपी की राजनीतिक ताकत और बढ़ी

यह रिकॉर्ड मोदी की मजबूत राजनीतिक पकड़ और बीजेपी के लगातार बढ़ते प्रभाव को दिखाता है. पिछले एक दशक में बीजेपी ने देश के कई राज्यों में अपना आधार मजबूत किया है और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी स्थिति और मजबूत की है. हालांकि, अब सरकार के सामने केवल चुनाव जीतना ही नहीं, बल्कि लंबे समय के विकास लक्ष्यों को पूरा करना भी बड़ी चुनौती है.

‘विकसित भारत 2047’ पर फोकस

मोदी सरकार अब ‘विकसित भारत 2047’ विजन पर तेजी से काम कर रही है. इसका उद्देश्य आजादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है. सरकार का फोकस तेज आर्थिक विकास, मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने, सेमीकंडक्टर उत्पादन, ग्रीन हाइड्रोजन, डिजिटल गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर है. एक्सप्रेसवे, हाई-स्पीड रेल, आधुनिक रेलवे स्टेशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को इस योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है.

युवाओं और टेक्नोलॉजी पर जोर

सरकार स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है. साथ ही युवाओं की स्किल डेवलपमेंट को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी माना जा रहा है. आने वाले वर्षों में सरकार के सामने रोजगार बढ़ाने, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने और जनता की बढ़ती उम्मीदों को पूरा करने जैसी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी.

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