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विशेष संसद सत्र के लिए 16 विपक्षी दल ने PM मोदी को लिखा पत्र, इन मुद्दों पर चर्चा की मांग

दिल्ली में मंगलवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. पत्र में पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिका समर्थित युद्धविराम पर बात करने का जिक्र किया गया है.

Calendar Last Updated : 03 June 2025, 04:20 PM IST
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Parliament Special Session: इंडिया ब्लॉक के 16 विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा के लिए विशेष संसद सत्र बुलाने की मांग की है. पत्र में पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिका समर्थित युद्धविराम पर बात करने का जिक्र किया गया है. आम आदमी पार्टी (आप) ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन वह अलग से पत्र भेजने की तैयारी में है. इससे मांग करने वाले दलों की संख्या 17 हो गई.

संयुक्त पत्र पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रीय जनता दल, डीएमके, जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, विदुथलाई चिरुथैगल काची, केरल कांग्रेस, एमडीएमके और सीपीआई (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने हस्ताक्षर किए. आप द्वारा बुधवार को अलग से एक पत्र भेजा जाएगा. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) इस मांग से बाहर है.

बड़े नेताओं का समर्थन

विपक्षी पार्टी के नेताओं के लिखे पत्र पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, अरविंद सावंत और प्रेम चंद्र गुप्ता जैसे बड़े नेताओं के हस्ताक्षर हैं. यह मांग विपक्ष की एकजुटता को दर्शाती है. नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर खुली चर्चा की जरूरत बताई. विपक्ष विशेष सत्र में कई मुद्दों पर चर्चा चाहता है. इनमें 22 अप्रैल का पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिका समर्थित युद्धविराम, भारत की कूटनीतिक रणनीति और आतंकवाद से निपटने की भविष्य की योजना शामिल हैं. कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हम सशस्त्र बलों के साथ खड़े हैं. संसद को विश्वास में लेकर सैनिकों को सम्मान देना चाहिए. टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि संसद जनता और सरकार के बीच की कड़ी है. विशेष सत्र जरूरी है.

विदेश यात्रा से लौटने का इंतजार

विपक्ष ने जून में विशेष सत्र बुलाने का सुझाव दिया है. यह तब होगा जब आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल विदेश यात्रा से लौटेंगे. विपक्ष चाहता है कि संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा पर खुली और पारदर्शी चर्चा हो. यह मांग राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति विपक्ष की गंभीरता दिखाती है. पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर ने देश का ध्यान खींचा है. विपक्ष का कहना है कि संसद में चर्चा से सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित होगी. यह सैनिकों के बलिदान को सम्मान देने का भी मौका होगा. 

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