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तूफान के बीच फंसी इंडिगो फ्लाइट को पाकिस्तान ने नहीं दी लैंडिंग की इजाजत, फिर पायलट ने ऐसे बचाया यात्रियों की जान

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक बयान के अनुसार, दोनों अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया गया. जिससे पायलट को ओलावृष्टि से बचने और विमान (6ई-2142) को श्रीनगर में उतारने के लिए मजबूर होना पड़ा. 

Calendar Last Updated : 23 May 2025, 02:33 PM IST
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IndiGo Turbulence Incident:  इंडिगो फ्लाइट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बीते दिन काफी वायरल हुआ. जिसमें श्रीनगर जा रही फ्लाइट भयंकर तूफान में फंस गई. अब इस घटना को लेकर कई जानकारी सामने आ रही है.

तूफान के कारण भारतीय वायुसेना के अधीन उत्तरी हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) से अनुरोध किया कि वह तूफान से बचने के लिए लाहौर एटीसी से संपर्क करने से पहले पाकिस्तान की ओर मुड़ जाए. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक बयान के अनुसार, दोनों अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया गया. 

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

दिल्ली से श्रीनगर को जाने वाली फ्लाई  21 मई को शाम 6.30 बजे टीएमसी सांसदों सहित 220 से अधिक लोगों को लेकर सुरक्षित रूप से उतरी. हालांकि तूफान की वजह से फ्लाइट के अंदर लोगों में डर का माहौल बन गया. वहीं इस पूरी घटना में विमान का नोज़ (रेडोम) गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था. सोशल मीडिया पर सामने आए नाटकीय दृश्यों में ए321 नियो विमान तूफान के बीच हिंसक रूप से हिलता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसने दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में तबाही मचा दी.

अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करने की नहीं मिली इजाजत

डीजीसीए द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक विमान पंजाब के पठानकोट के पास लगभग 36,000 फीट की ऊंचाई पर था, जब वह आंधी और ओलावृष्टि में फंस गया. गंभीर अशांति का अनुभव करते हुए, चालक दल ने पहले उत्तरी एटीसी से अनुरोध किया कि वह उड़ान को अंतर्राष्ट्रीय सीमा की ओर मोड़ने की अनुमति दे. हालांकि, अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया. इसके बाद पायलट ने लाहौर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से तूफान से बचने के लिए कुछ समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में जाने की अनुमति मांगी. लेकिन इसे भी नहीं माना गया.

डीजीसीए के बयान में कहा गया है कि सीमित विकल्पों के साथ, पायलट ने शुरू में दिल्ली लौटने पर विचार किया. हालांकि, चूंकि विमान तूफान वाले बादल के करीब था, इसलिए वापस लौटना एक असुरक्षित विकल्प था. इसके बाद पायलट ने सबसे छोटे संभव मार्ग पर श्रीनगर की ओर तूफान के बीच आगे बढ़ने का फैसला किया. डीजीसीए ने कहा कि लैंडिंग के दौरान ऑटो थ्रस्ट सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहा था.

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