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अमेरिका के हमले के बाद पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात, शांति का किया आह्वान

पीएम मोदी से बात करते हुए ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने भारत को क्षेत्रीय शांति का साझेदार बताया. उन्होंने पीएम मोदी के तनाव कम करने और कूटनीति के आह्वान की सराहना की. पेजेशकियन ने कहा कि भारत की भूमिका मध्य पूर्व में स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने अमेरिकी हमलों के बाद की स्थिति पर मोदी को विस्तार से जानकारी दी.

Calendar Last Updated : 22 June 2025, 05:15 PM IST
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PM Modi speaks with Iran President: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बात की. यह बातचीत अमेरिका के ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों फोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान पर हवाई हमलों के बाद हुई. पीएम मोदी ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई और तत्काल शांति की अपील की.

पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन के बीच 45 मिनट तक चली इस बातचीत में मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई. मोदी ने कहा कि हमने हाल के तनावों पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने क्षेत्र में जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया.

ईरान ने भारत को बताया मित्र

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने भारत को क्षेत्रीय शांति का साझेदार बताया. उन्होंने पीएम मोदी के तनाव कम करने और कूटनीति के आह्वान की सराहना की. पेजेशकियन ने कहा कि भारत की भूमिका मध्य पूर्व में स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने अमेरिकी हमलों के बाद की स्थिति पर मोदी को विस्तार से जानकारी दी. अमेरिका ने शनिवार को ईरान के परमाणु स्थलों पर हमले किए. छह बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने फोर्डो पर छह बंकर-बस्टर बम गिराए. इसके अलावा, 30 टॉमहॉक मिसाइलें नतांज़ और इस्फ़हान को निशाना बनाकर दागी गईं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे शानदार सैन्य सफलता बताया और ईरान की परमाणु क्षमता को नष्ट करने का दावा किया.

शांति बहाली के लिए संवाद की जरूरत

ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने अमेरिका द्वारा किए गए हमले को कानून का उल्लंघन बताया है. उन्होंने इसे आपराधिक व्यवहार करार दिया और संयुक्त राष्ट्र से कार्रवाई की मांग की. अराघची ने कहा कि ये हमले शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर किए गए.

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि हमने तनाव कम करने और शांति बहाली के लिए संवाद की जरूरत दोहराई. भारत ने हमेशा युद्ध के बजाय कूटनीति का समर्थन किया है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि युद्ध समस्याओं का समाधान नहीं. बातचीत ही रास्ता है. मध्य पूर्व में तनाव भारत के लिए चिंता का विषय है. वहां 16 मिलियन से ज्यादा भारतीय रहते हैं. युद्ध की स्थिति से भारत की अर्थव्यवस्था और नागरिकों पर असर पड़ सकता है. मोदी की यह बातचीत क्षेत्रीय शांति के लिए भारत की सक्रिय भूमिका को दर्शाती है.

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