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'देश के लिए ऐतिहासिक पल...', वक्फ संशोधन विधेयक पास होने के बाद PM मोदी का बयान

वक्फ संशोधन विधेयक के दोनों सदनों से पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना बयान दिया है. उन्होंने इस पल को एक ऐतिहासिक पल बताया है.

Calendar Last Updated : 04 April 2025, 09:35 AM IST
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Waqf Amendment Bill:  वक्फ संशोधन विधेयक के दोनों सदनों से पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना बयान दिया है. उन्होंने इस पल को एक ऐतिहासिक पल बताया है. उन्होंने कहा कि इससे मुस्लिम समुदाय में हाशिए पर पड़े लोगों को आवाज देगा और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा.

पीएम मोदी ने इसे सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इससे उन लोगों को काफी मदद मिलेगी, जिन्हें कई सारे अवसर से वंचित रखा गया है. 

केंद्रीय मंत्री ने बताया क्या बदलेगा?

राज्यसभा में इस बिल को 128 मतों का समर्थन मिला. वहीं इसके विरुद्ध 95 सांसदों ने मत डाले. केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने  इस विधेयक का नाम  बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तीकरण, दक्षता और विकास (यूएमईईडी) विधेयक रखने का भी प्रस्ताव रखा है. इससे पहले लोकसभा में इस बिल को 288 सांसदों का समर्थन मिला था. वहीं 232 सांसदों ने इसके खिलाफ मत डाले थे. दोनों सदनों में कई घंटों तक चले बहसे के बाद इस बिल को मंजूरी मिली. केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के कामकाज में सुधार करना, जटिलताओं को दूर करना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और प्रौद्योगिकी-संचालित प्रबंधन शुरू करना है. 

अधूरे कार्यों को पूरा करना का लक्ष्य

राज्यसभा में बिल को पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रक्षा और रेलवे के बाद सबसे ज्यादा वक्फ के पास संपत्ति है. मंत्री ने सदन को बताया कि 2004 में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं, जो अब बढ़कर 8.72 लाख हो गई हैं. विधेयक पर समर्थन मांगते हुए रिजिजू ने कहा कि इसका उद्देश्य पिछली सरकारों के अधूरे कार्यों को पूरा करना है. उन्होंने कहा कि हम किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते, वक्फ बोर्ड का गठन केवल वक्फ संपत्तियों की देखरेख के लिए किया गया है, न कि उनका प्रबंधन करने के लिए. उन्होंने कहा कि सरकार ने अच्छे इरादे से विधेयक पेश किया है और इसलिए इसका नाम बदलकर 'उम्मीद' रखा गया है. नाम से किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. 

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