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प्रेमानंद महाराज का रूट विवाद सुलझा, एनआरआई ग्रीन समिति की माफी के बाद पदयात्रा हुई पुनः आरंभ

प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद पर अब विराम लग चुका है. एनआरआई ग्रीन समिति के अध्यक्ष आशु शर्मा ने सोसाइटी की ओर से प्रेमानंद महाराज से माफी मांगी और उनसे पुराने रूट पर पदयात्रा निकालने की अपील की. इसके बाद, सोमवार को महाराज ने अपनी यात्रा को पुराने रूट से पुनः शुरू किया, हालांकि इसमें कुछ बदलाव किए गए थे.

Calendar Last Updated : 17 February 2025, 03:31 PM IST
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Premanand Maharaj News: प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद पर अब विराम लग चुका है. एनआरआई ग्रीन समिति के अध्यक्ष आशु शर्मा ने सोसाइटी की ओर से प्रेमानंद महाराज से माफी मांगी और उनसे पुराने रूट पर पदयात्रा निकालने की अपील की. इसके बाद, सोमवार को महाराज ने अपनी यात्रा को पुराने रूट से पुनः शुरू किया, हालांकि इसमें कुछ बदलाव किए गए थे.

एनआरआई ग्रीन समिति के अध्यक्ष ने मांगी माफी

पदयात्रा के विवाद के बाद, जब यह मुद्दा अधिक तूल पकड़ने लगा, तो एनआरआई ग्रीन समिति के अध्यक्ष आशु शर्मा ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की. इस मुलाकात में उन्होंने महाराज से न केवल माफी मांगी, बल्कि यह भी कहा कि कुछ यूट्यूबर्स के भ्रम के कारण विरोध की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसका उन्हें बहुत पछतावा है. आशु शर्मा ने यह भी कहा कि "मैं खुद खड़े होकर आपका और सभी संतों का सम्मान करूंगा." उन्होंने महाराज से निवेदन किया कि वे अपनी पदयात्रा उसी पुराने रूट से शुरू करें, जिस रूट से वे पहले निकलते थे.

सोमवार को पुराने रूट से शुरू हुई पदयात्रा

सोमवार की सुबह प्रेमानंद महाराज ने अपनी पदयात्रा को अपने पुराने मार्ग से शुरू किया. हालांकि, इस बार यात्रा में कुछ बदलाव किए गए थे. पहले महाराज अपने निज निवास से पैदल यात्रा करते हुए अपने आश्रम राधा केली कुंज तक जाते थे, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी यात्रा आनंद कृष्ण वन होटल से शुरू की. महाराज सुबह 4:00 बजे कार से निकलकर पुराने मार्ग पर चल पड़े, लेकिन यह यात्रा पूरी तरह से पहले जैसी नहीं थी. 

प्रेमानंद महाराज की यात्रा पर भक्तों की प्रतिक्रिया

पदयात्रा के पुराने मार्ग से पुनः शुरू होने के बाद भक्त काफी खुश नजर आए. हालांकि, कुछ भक्तों को यह महसूस हुआ कि यात्रा पूरी तरह से पुराने रूप में नहीं शुरू हुई है, लेकिन फिर भी इसे लेकर संतुष्टि जताई गई. यात्रा का यह नया रूट कुछ परिवर्तन के साथ शुरू हुआ, लेकिन इससे एक बार फिर से शांति का माहौल बन गया और विवाद पर विराम लगा.

इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि संवाद और माफी से विवादों को हल किया जा सकता है. एनआरआई ग्रीन समिति के अध्यक्ष आशु शर्मा की माफी और प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा के पुराने रूट पर वापसी से यह स्थिति स्थिर हो गई. इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि किसी भी विवाद को समझदारी से सुलझाया जा सकता है, जिससे समाज में शांति और सामंजस्य बना रहे.

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