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Punjab News: मोहाली के डेराबस्सी में जहरीली गैस से हुई 4 लोगों की मौत

Punjab News: पंजाब के मोहाली जिले के गांव खेड़ा स्थित फेडरल एग्रो इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के मीट प्लांट में शुक्रवार को टैंक की सफाई करने उतरे 4 कर्मचारियों की जहरीली गैस से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों एक ही ठेकेदार के पास काम करते थे। जबकि एक व्यक्ति गांव खेड़ा का […]

Calendar Last Updated : 22 April 2023, 03:20 PM IST
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Punjab News: पंजाब के मोहाली जिले के गांव खेड़ा स्थित फेडरल एग्रो इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के मीट प्लांट में शुक्रवार को टैंक की सफाई करने उतरे 4 कर्मचारियों की जहरीली गैस से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों एक ही ठेकेदार के पास काम करते थे। जबकि एक व्यक्ति गांव खेड़ा का निवासी पिछले 8 साल से बतौर प्लंबर कार्यरत रहा था।उनकी मौत से भड़के गांव वालों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

मृतकों की पहचान

इसके साथ ही लालड़ू के गांव जौला कलां में सीवरेज की सफाई करते समय जहरीली गैस से एक नौजवान की मौत हो गई।साथ ही दूसरे व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है।डेराबस्सी पुलिस ने चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल में रखवा दिया और तुरंत मामले की जांच शरू की।मृतकों की पहचान गांव खेड़ा निवासी मानक सिंह उम्र 25 वर्ष, नेपाल निवासी जनक थापा उम्र 35 वर्ष, बिहार निवासी गिरधर पांडेय उम्र 25 और बिहार निवासी कुरबान उम्र 35 वर्ष के रूप में इन सभी लोगों की पहचान की गई है।

जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि मीट प्लांट में चमड़े को एक स्टोर में सुरक्षित रखने के लिए उन पर नमक का लेप कर रोजाना पानी का छिड़काव किया जाता है।साथ ही इस नामक वाले पानी को स्टोर में बनी टंकी में जमा कर दिया जाता है।जिसे नियमित रूप से पानी को बाहर निकाला जाता है।

मची फैक्ट्री में भाग दौड़

जबकि नमक को एक सप्ताह बाद साफ किया जाता है।टैंक में जमा इसी नमक को साफ करने के लिए शुक्रवार शाम चार बजे ठेकेदार का एक कर्मचारी टैंक में उतरा लेकिन वह बाहर नहीं आया।उसे बचाने उतरे जब दो कर्मी भी बाहर नहीं आए, तो फैक्ट्री में भगदड़ मच गई।फैक्ट्री में पिछले आठ साल से स्थायी तौर बतौर प्लंबर तैनात मानक सिंह भी गया, लेकिन वह भी बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा।

इसके बाद लोगों ने उन्हें बड़ी मुश्किलों से बाहर निकला और अस्पताल में पहुंचाया।जहां पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।इस बात की जानकारी जब फैक्टरी के कर्मियों को पचा चली तो उन्होंने कार्य करना बंद कर दिया। वहीं दूसरी और नौजवान की मौत होने से गांव के सभी लोग भड़क उठे। पुलिस ने इस मामले की स्थिति बड़ी ही मुश्किल से संभाली।

भड़के ग्रामीण

भड़के हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी प्रबंधक ने सुरक्षा के कोई भी प्रबंध नहीं कर रखे थे।जिसके चलते यह हादसा हुआ।गांव वालों का कहना है कि प्लंबर के टैंक में उतरने की कोई जरूरत नहीं थी। कंपनी प्रबंधन ने जानबूझकर उसे भेजकर उसकी जान ले ली।जब तीन ठेकेदार के कर्मी नहीं आए थे, तो उसे भेजने की जरूरत नहीं थी। साथ ही लोगों ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की मांग की है।

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