menu-icon
The Bharatvarsh News

8वीं वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में होगी भारी बढ़ोतरी, जानें पूरा गणित

नई दिल्ली :  बजट 2025 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को एक महत्वपूर्ण तोहफा देते हुए 8वीं वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया है. इस आयोग के तहत कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी की जाएगी, और इसकी संरचना में कई बदलाव होंगे.

Calendar Last Updated : 24 February 2025, 05:36 PM IST
Share:

नई दिल्ली :  बजट 2025 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को एक महत्वपूर्ण तोहफा देते हुए 8वीं वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया है. इस आयोग के तहत कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी की जाएगी, और इसकी संरचना में कई बदलाव होंगे.

सबसे खास बात यह है कि फिटमेंट फैक्टर 2.86 प्रतिशत तक होने का अनुमान है, जबकि 7वें वेतन आयोग के दौरान यह 2.57 प्रतिशत था. इस लेख में हम आपको बताएंगे कि इस बदलाव से सरकारी कर्मचारियों की सैलरी पर क्या असर पड़ेगा और वेतन में कितनी वृद्धि हो सकती है.

फिटमेंट फैक्टर से तय होगी सैलरी

8वीं वेतन आयोग में कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि फिटमेंट फैक्टर के आधार पर होगी. विभिन्न विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.86 प्रतिशत तक हो सकता है. 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 प्रतिशत था, और इस बार इसे बढ़ाकर 2.86 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है. साथ ही, JCM (जॉइंट कंसल्टेटिव मीटिंग) स्टाफ ने यह सुझाव दिया है कि सभी स्तरों के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाना चाहिए. 

उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग के दौरान विभिन्न लेवल्स के लिए फिटमेंट फैक्टर इस प्रकार थे:
- लेवल 1: 2.57 प्रतिशत
- लेवल 2: 2.63 प्रतिशत
- लेवल 3: 2.67 प्रतिशत
- लेवल 4: 2.72 प्रतिशत
- उच्च स्तर: 2.81 प्रतिशत

अब, 8वीं वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर के 2.86 प्रतिशत होने से कर्मचारियों की सैलरी में काफी बढ़ोतरी हो सकती है.

सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी?

8वीं वेतन आयोग के लागू होने पर कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी वृद्धि हो सकती है. उदाहरण के लिए:
लेवल 1 कर्मचारियों के लिए वर्तमान में न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपये है. अगर फिटमेंट फैक्टर 1.92 प्रतिशत हो, तो सैलरी बढ़कर 34,650 रुपये हो सकती है. वहीं, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.08 प्रतिशत हो, तो सैलरी 37,440 रुपये तक पहुंच सकती है. और अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 प्रतिशत हो, तो यह बढ़कर 51,480 रुपये हो सकता है.

वेतनमानों का विलय – नया सुझाव

इसके अलावा, सरकारी कर्मचारियों के वेतनमानों को एक साथ विलय करने का भी सुझाव दिया गया है. अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यह वेतन ग्रेड को सरल बना देगा. राष्ट्रीय संयुक्त परामर्श तंत्र ने यह सिफारिश की है कि:
- लेवल 1 के कर्मचारियों को लेवल 2
- लेवल 3 को लेवल 4
- लेवल 5 को लेवल 6 में विलय कर दिया जाए.

यह कदम वेतन संरचना को और अधिक सरल बनाएगा, जिससे कर्मचारियों के लिए वेतन का निर्धारण करना आसान हो जाएगा.
 



 

सम्बंधित खबर

Recent News