पीछे आग का गोला आगे भाग रहे विश्वास कुमार रमेश, अहमदाबाद विमान हादसे के नया वीडियो वायरल

विश्वास कुमार रमेश के पीछे आग का गुब्बार नजर आ रहा है. इस घटना के दिन  बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के 33 सेकंड बाद मेघानी नगर में एक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास से टकरा गया था. जिसकी वजह से विमान में सवार लोगों के अलावा छात्रावास में मौजूद कई छात्रों की भी मौत हो गई थी.

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Courtesy: Social Media

Vishwas Kumar Ramesh New Video: अहमदाबाद विमान हादसे में एक यात्री की जान चमत्कारी रुप से बच गई थी. उसके अलावा विमान में सवार अन्य सभी 241 लोगों की मौत हो गई. अब विश्वास कुमार रमेश का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वो मलबे से दूर निकलते नजर आ रहे हैं. 

विश्वास कुमार रमेश के पीछे आग का गुब्बार नजर आ रहा है. घटना के दिन विमान उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद मेघानी नगर में एक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास से टकरा गया था. जिसकी वजह से विमान में सवार लोगों के अलावा छात्रावास में मौजूद कई छात्रों की भी मौत हो गई थी. लेकिन रमेश बच निकलें.

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल 

विश्वाश 40 साल के भारतीय-ब्रिटिश नागरिक हैं. वे अपने भाई अजय के साथ भारत आए थे. हादसे के दौरान विश्वाश सीट 11A पर थे, जबकि अजय दूसरी पंक्ति में. विश्वाश ने घटना के बाद बताया था कि उड़ान भरने के 30 सेकंड बाद तेज धमाका हुआ. फिर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. वे इस भयावह हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए. विश्वाश ने उस खौफनाक पल को याद किया. उन्होंने कहा कि जब मैं उठा, चारों ओर लाशें थीं. मैं डर गया. विमान के टुकड़े बिखरे थे. विश्वाश ने बताया कि वे किसी तरह खड़े हुए और भागे. जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस में बिठाया गया. अस्पताल में उनकी हालत अब स्थिर है. वीडियो में विश्वाश को खून से सनी शर्ट में मलबे से दूर जाते देखा गया. वे बार-बार पीछे मुड़कर देख रहे थे.

हॉस्टल से टकराया था विमान

अहमदाबाद विमान हादसा तब हुआ था जब मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में कुछ बच्चे खाना खा रहे थे. हादसे में जमीन पर 29 लोगों की भी मौत हुई. कुल 270 लोगों ने इस हादसे में अपनी जान गंवाई. धुएं का विशाल बादल और बिखरा मलबा हादसे की भयावहता को दर्शाता है. पुलिस और विशेषज्ञ जांच में जुटे हैं. ब्लैक बॉक्स मिल चुका है, जो हादसे के कारणों का खुलासा कर सकता है. एयर इंडिया और टाटा समूह ने पीड़ितों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और 25 लाख रुपये की अंतरिम राशि की घोषणा की. विश्वाश की कहानी हिम्मत और उम्मीद की मिसाल है.

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