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वक्फ संशोधन विधेयक पर आज लोकसभा में 'महासंग्राम', बीजेपी-कांग्रेस ने जारी किया व्हिप

Waqf Amendment Bill: लोकसभा में आज वक्फ संशोधन विधेयक पेश होना है. मंगलवार को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) में आठ घंटे की बहस के बाद सदन में राय लेने के लिए इसे आगे बढ़ाने की अनुमति मिल गई थी. जिसके बाद आज इसे लोकसभा में पेश किया जाएगा.

Calendar Last Updated : 02 April 2025, 06:54 AM IST
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Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार आज सदन में पास कराने की तैयारी में है. वहीं विपक्षी पार्टियां मिलकर इसका विरोध करने के लिए तैयार हैं. लोकसभा में कई बार हंगामे के बाद आज सरकार इस पूरी तरीके से पास कराने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन में शामिल सभी पार्टियां इसे रोकने की पूरी कोशिश करने वाली है. 

इंडिया गठबंधन द्वारा लगातार इसे असंवैधानिक बताया गया है. मंगलवार को इस पर बहस के दौरान विपक्षी नेता सदन से वॉकआउट कर गए थे. हालाकि, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) में आठ घंटे की बहस के बाद सदन में राय लेने के लिए इसे आगे बढ़ाने की अनुमति मिल गई थी. 

विपक्षी नेताओं ने किया विरोध

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को इस मुद्दे पर कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और सीपीआई (एम) सहित दलों की बैठक के बाद कहा कि सभी विपक्षी दल कल संसद में पेश किए जाने वाले वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ एकजुट हैं. खड़गे ने कहा कि विधेयक के पीछे सरकार का विभाजनकारी एजेंडा है. इसे हराने के लिए वे संसद के पटल पर मिलकर काम करेंगे. खड़गे ने ट्वीट करते हुए लिखा कि सभी विपक्षी दल एकजुट हैं और वक्फ संशोधन विधेयक पर मोदी सरकार के असंवैधानिक और विभाजनकारी एजेंडे को हराने के लिए संसद के पटल पर मिलकर काम करेंगे. भाजपा और कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने सभी लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया है. जिसका मतलब है, पार्टी ने अगले तीन दिनों तक सदन में अपने सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की कोशिश की है.

संसद तक कैसे पहुंचा वक्फ संशोधन विधेयक?

सरकार का कहना है कि वक्फ विधेयक भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में सुधार करने का प्रयास करता है. वहीं विपक्षी दलों ने विधेयक की आलोचना करते हुए इसे असंवैधानिक और मुसलमानों के प्रति भेदभावपूर्ण बताया है. इस विधेयक के माध्यम से मुसलमानों द्वारा दान की गई संपत्तियों के प्रबंधन को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा.

पहली बार इसे पिछले साल अगस्त में संसद में पेश किया गया था. हालांकि, विपक्ष और विभिन्न मुस्लिम संगठनों द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध के बीच, विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति यानी की जेपीसी के पास भेज दिया गया था. कई सप्ताह तक चली चर्चा के बाद जेपीसी ने विधेयक में 14 संशोधनों को मंजूरी दे दी. विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तावित 44 संशोधनों को जगदंबिका पाल के नेतृत्व वाले पैनल ने खारिज कर दिया था. विधेयक को आखिरकार फरवरी में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी. जिसके बाद आज इस विधेयक को लोकसभा से पास कराने की कोशिश की जाएगी.

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