menu-icon
The Bharatvarsh News

मान सरकार के डिजिटल विजन से ईजी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि जुलाई 2025 में इसकी शुरुआत से लेकर दिसंबर 2025 तक कुल 370967 रजिस्ट्रियां की गई, जो पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और नागरिक-हितैषी सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम है. 

Calendar Last Updated : 10 January 2026, 07:40 PM IST
Share:

चंडीगढ़: पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि ‘ईजी रजिस्ट्री’ पहल पंजाब की संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रणाली में एक नया मील का पत्थर साबित हुई है, जिससे पूरे राज्य में मजबूत और लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.

सुधारों की सफलता की गवाही

राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि जुलाई 2025 में इसकी शुरुआत से लेकर दिसंबर 2025 तक कुल 370967 रजिस्ट्रियां की गई, जो पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और नागरिक-हितैषी सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री को मिली लोगों की प्रतिक्रिया स्पष्ट करती है कि लोग ऐसी प्रणाली पर भरोसा करते हैं, जो पारदर्शी, समयबद्ध और परेशानी-मुक्त हो. उन्होंने बताया कि सिर्फ छह महीनों के दौरान संपत्ति से संबंधित 3.70 लाख से अधिक रजिस्ट्रियां दर्ज की गई, जो इन सुधारों की सफलता की गवाही देती हैं.

राजस्व मंत्री ने क्या बताया?

इस संबंध में महीनावार आंकड़े साझा करते हुए राजस्व मंत्री ने बताया कि जुलाई 2025 में 64965 दस्तावेज रजिस्टर किए गए, अगस्त में 62001, सितंबर में 55814 और अक्टूबर में 53610 दस्तावेज रजिस्टर किए गए. उन्होंने कहा कि नवंबर में रजिस्ट्रियों से संबंधित 58200 दस्तावेज दर्ज किए गए जबकि दिसंबर में सबसे अधिक 76377 रजिस्ट्रियां की गई. उन्होंने कहा, ‘‘रजिस्ट्रेशनों में यह निरंतर वृद्धि आसान और तकनीकी-आधारित संपत्ति रजिस्ट्रेशन ढांचे में बढ़ते लोगों के भरोसे को स्पष्ट करती है.’’

'दस्तावेजों की ऑनलाइन प्री-स्क्रूटनी शुरू'

इन ढांचागत सुधारों के बारे में विस्तार से बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ईजी रजिस्ट्री के तहत दस्तावेजों की ऑनलाइन प्री-स्क्रूटनी शुरू की गई है, कार्यालय कार्यवाही में होने वाली देरी को काफी हद तक कम किया गया है और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में पहुंच आसान हुई है. 

48 घंटे के अंदर ऑनलाइन जांच की सुविधा

मंत्री ने बताया, ‘‘सेल डीड की हस्ताक्षर-रहित प्रतियों की अब 48 घंटों के अंदर ऑनलाइन जांच की जाती है, जिससे परेशानी काफी घटी है और भ्रष्टाचार के रास्ते प्रभावी ढंग से बंद हुए हैं.’’ उन्होंने आगे बताया कि जांच के दौरान उठाई गई सभी आपत्तियों की निगरानी सीधे तौर पर डिप्टी कमिश्नरों और एस.डी.एमज. द्वारा की जाती है ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और अनावश्यक रुकावटों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके.

वीआईपी संस्कृति का खात्मा

राजस्व मंत्री ने कहा कि ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत को लागू करने से लंबी-लंबी कतारें और पक्षपातपूर्ण व्यवहार से निजात मिली है, जिससे संपत्ति रजिस्ट्रेशन के दौरान वी.आई.पी. संस्कृति का खात्मा हुआ है. मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा, ‘‘लोगों को अब अपने ज़िले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दस्तावेज रजिस्टर करवाने की आजादी है. इससे एकाधिकार का खात्मा हुआ है और सभी के लिए निष्पक्ष एवं समान सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई है।’’

सीधी शिकायत प्रणाली की व्यवस्था

इस पहल के एक और लोक-हितैषी पहलू को उजागर करते हुए मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि आवेदकों को उनके दस्तावेजों संबंधी कार्यवाही के हर चरण जैसे जांच, भुगतान और अपॉइंटमेंट के बारे में ऑटोमेटेड व्हाट्सएप अपडेट भेजे जाते हैं. उन्होंने बताया कि किसी भी रूप में रिश्वत मांगने की रिपोर्ट करने के लिए एक सीधी शिकायत प्रणाली भी बनाई गई है, ताकि जिला स्तर पर तुरंत निपटारा सुनिश्चित किया जा सके.

लोगों के लिए सुविधा बढ़ी

अन्य सुविधाओं का विवरण देते हुए मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि लोग ‘ड्राफ्ट माई डीड’ मॉड्यूल के माध्यम से सेल डीड खुद तैयार कर सकते हैं या किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में स्थापित सेवा केंद्र काउंटरों से यह सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं या फिर घर बैठे ही हेल्पलाइन 1076 के द्वारा रजिस्ट्रेशन संबंधी दस्तावेज तैयार करवा सकते हैं. उन्होंने बताया कि 25 बैंकों के द्वारा एक बार में स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का ऑनलाइन भुगतान करने से यह प्रक्रिया और भी सुगम हो गई है जिससे लोगों के लिए सुविधा बढ़ी है.

राजस्व संग्रहण में भी सुधार

राजस्व मंत्री ने बताया कि पहले से अपॉइंटमेंट ले चुके और पूरे दस्तावेज़ों वाले नागरिकों को प्राथमिकता देने के लिए एक ‘एकीकृत टोकन प्रबंधन प्रणाली’ भी लागू की गई है. उन्होंने बताया कि इससे लोगों को ज़्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता और शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एकसमान सेवा प्रदान करने को सुनिश्चित किया गया है. उन्होंने कहा कि अपग्रेड किए गए सर्वर, प्रशिक्षित स्टाफ और मानकीकृत प्रक्रियाओं ने लोगों का भरोसा और बढ़ाया है जिससे राज्य में राजस्व संग्रहण में भी सुधार हुआ है.

सम्बंधित खबर

Recent News