चंडीगढ़ः पंजाब सरकार की रोड सेफ्टी फोर्स (एसएसएफ) के दो साल पूरे होने पर उसकी शानदार कामयाबी सांझी करते हुए, आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि यह फोर्स मुख्यमंत्री भगवंत मान की सबसे प्रभावशाली और जनहितैषी के रूप में उभरी है, जो पंजाब के हाईवे पर असली नतीजे दे रही है.
पन्नू ने बताया कि जब दो साल पहले एसएसएफ की शुरुआत की गई थी, तो साल 2023 में पंजाब के हाईवे पर एक्सीडेंट में 1,955 मौतें हुई थीं. साल 2024 में यह आंकड़ा तेजी से घटकर 1,016 हो गया है, जिसका मतलब है कि एसएसएफ के तेज और प्रोफेशनल रिस्पॉन्स की वजह से सिर्फ एक साल में 940 कीमती जानें बचाई गई हैं. जानलेवा दुर्घटनाओं के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जो पूरे पंजाब में हाईवे सेफ्टी में बड़े सुधार का इशारा है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसएसएफ के तहत लगभग 1,500 विशेष तौर पर प्रशिक्षित जवान फुल-टाइम तैनात किए गए हैं और उन्हें वी.आई.पी या किसी दूसरी ड्यूटी पर नहीं भेजा जाता है. हाईवे पर हर 30 किलोमीटर की दूरी पर पूरी तरह से लैस एसएसएफ गाड़ियां तैनात हैं, जो तेजी से कार्रवाई करतें है. नतीजतन, एसएसएफ की टीमें 6 से 8 मिनट के अंदर हादसे वाली जगह पर पहुंच जाती हैं, जो विकसित देशों के बराबर रिस्पॉन्स टाइम है.
पन्नू ने कहा कि ये गाड़ियां फर्स्ट-एड की सुविधाओं, बचाव उपकरण और कटरों से लैस हैं. जवानों को पीड़ितों को सुरक्षित निकालने और अस्पताल भेजने से पहले तुरंत मेडिकल मदद देने की प्रशिक्षित किया गया है. उन्होंने कहा कि एसएसएफ की मौजूदगी से हादसे के बाद होने वाली लूटपाट भी लगभग खत्म हो गई है और हाईवे पर होने वाले दूसरे अपराधों में खासकर रात के समय, में भी भारी कमी आई है.
एसएसएफ को मुख्यमंत्री भगवंत मान का “ड्रीम प्रोजेक्ट” बताते हुए, पन्नू ने कहा कि यह न सिर्फ पूरा हुआ है बल्कि हर दिन जान बचाने वाले नतीजे दे रहा है. उन्होंने सभी एसएसएफ कर्मचारियों और सपोर्ट स्टाफ को उनके डेडिकेशन के लिए बधाई दी और कहा कि इंसानों की जान बचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राप्ती है.