Punjab Board का ऐतिहासिक बदलाव, अब परीक्षा होगी कौशल और सोच पर आधारित

पंजाब के लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए, भगवंत मान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाया है. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने अपनी दशकों पुरानी प्रश्न पत्र प्रणाली में व्यापक परिवर्तन लागू किए हैं.

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चंडीगढ़: पंजाब के लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए, भगवंत मान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाया है. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने अपनी दशकों पुरानी प्रश्न पत्र प्रणाली में व्यापक परिवर्तन लागू किए हैं. इन परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा को केवल रटंत विद्या तक सीमित न रखकर, छात्रों की गहन समझ, आलोचनात्मक सोच, विश्लेषण क्षमता और वास्तविक जीवन के कौशल का मूल्यांकन करना है.

रचनात्मक ढंग से हल करने में बनेंगेसक्षम 

मान सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि शिक्षा का उद्देश्य मात्र डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए पूरी तरह से तैयार करना है. इसी उद्देश्य के साथ, PSEB के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह के नेतृत्व में 120 से अधिक शिक्षाविदों और विषय-विशेषज्ञों की एक तीन-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई.

इस पहल के तहत, रटने के रुझान को कम करके क्षमता-आधारित शिक्षण (Competency-Based Learning) को बढ़ाया जाएगा. इसका सीधा मतलब है कि अब विद्यार्थी केवल तथ्यों को याद करने के बजाय सोचने, समझने, विश्लेषण करने और समस्याओं को रचनात्मक ढंग से हल करने में सक्षम बनेंगे.

प्रश्न पत्र होंगे स्पष्ट

बोर्ड ने संशोधित ब्लूम टैक्सोनॉमी (Revised Bloom Taxonomy) के अनुसार प्रश्न पत्रों का एक नया, आधुनिक फॉर्मेट जारी किया है. यह नया ढाँचा यह सुनिश्चित करेगा कि प्रश्न केवल जानकारी याद करने पर केंद्रित न हों, बल्कि छात्रों की गहन समझ, आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता की जाँच करें.

अब सभी प्रश्न पत्र स्पष्ट 'ब्लूप्रिंट' और 'आइटम मैट्रिक्स' के आधार पर तैयार किए जाएंगे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी. वास्तविक जीवन से जुड़ाव बढ़ाने के लिए, विज्ञान, गणित, सामाजिक शिक्षा और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों में असली जीवन के उदाहरणों पर आधारित प्रश्न शामिल किए जाएँगे, जिससे छात्र कक्षा में सीखे गए ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग सीख सकें.

बच्चे केवल डिग्रीधारी नहीं

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है. राज्य के युवाओं को स्व-रोजगार की ओर प्रेरित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए, PSEB ने 12वीं कक्षा के लिए उद्यमिता (Entrepreneurship) पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया है. यह कोर्स विद्यार्थियों को नौकरी खोजने वालों की जगह नौकरियाँ सृजित करने वाला (Job Creators) बनने के लिए प्रोत्साहित करेगा.

यह व्यापक सुधार पंजाब के लगभग 13,000 सरकारी और निजी स्कूलों के लाखों छात्रों के लिए एक उज्जवल भविष्य की नींव रखेगा. भगवंत मान सरकार पंजाब की शिक्षा प्रणाली में एक ऐसा परिवर्तन ला रही है, जिससे बच्चे केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि सक्षम और कुशल नागरिक बनेंगे.इन कदमों के साथ, पंजाब सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह राज्य के हर बच्चे को वैश्विक स्तर की शिक्षा, आधुनिक कौशल और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है.

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