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सीएम भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प लगातार जारी: हरभजन सिंह ईटीओ

भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार 45,000 किमी सड़क निर्माण/मरम्मत तेज़ी से कर रही है. हरभजन सिंह ईटीओ ने गुणवत्ता, पारदर्शिता, FDR तकनीक और ठेकेदारों की 5 साल जिम्मेदारी पर जोर दिया.

Calendar Last Updated : 18 April 2026, 10:29 PM IST
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चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के बुनियादी ढांचे को विश्व स्तरीय बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आज सड़क विकास कार्यों की प्रगति साझा करते हुए बताया कि राज्य में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 45,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. सरकार का मुख्य लक्ष्य पंजाब के हर गांव को बेहतरीन सड़क नेटवर्क से जोड़ना है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके.

कैबिनेट मंत्री ने सड़कों की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर जोर देते हुए कहा कि सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण के बाद अगले 5 वर्षों तक यदि सड़क को किसी भी प्रकार का नुकसान होता है, तो उसकी मरम्मत की पूरी जिम्मेदारी संबंधित कॉन्ट्रैक्टर (ठेकेदार) की होगी. 

उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 'मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड' का गठन किया गया है, जो सीधे तौर पर निगरानी कर रहा है. इसके साथ ही एक विशेष 'क्वालिटी कंट्रोल सेल' भी सक्रिय है और विभाग के अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण कर रहे हैं.

ईटीओ ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद विकास कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. कई स्थानों पर उन्होंने स्वयं निर्माण कार्यों का जमीनी निरीक्षण किया है. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की घटिया या घटिया दर्जे की सामग्री का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है.

तकनीकी नवाचार का जिक्र करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पंजाब में पहली बार 'फुल डेप्थ रेक्लीमेशन' (एफडीआर) जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस तकनीक के तहत वर्तमान में 540 किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. एफडीआर    तकनीक की खासियत यह है कि इसमें सड़क के स्तर को घरों के स्तर के मुताबिक रखा जाता है, जिससे जलभराव की समस्या नहीं होती. जल्द ही इस तकनीक का दायरा बढ़ाकर राज्य की अन्य सड़कों को भी इसके तहत कवर किया जाएगा.

मंत्री ने यह भी साझा किया कि पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश के कारण निर्माण कार्यों में कुछ देरी अवश्य हुई है, लेकिन विभाग अब दुगनी गति से काम कर रहा है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि जून तक 45,000 किलोमीटर सड़कों का निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे पंजाब के निवासियों को सुगम और सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी.

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