बेंगलुरु: आज के समय में सोशल मीडिया का बुखार सबके सिर चढ़कर बोल रहा है. हर रोज कोई न कोई घटना ऐसी हो रही है, जिसे देख आप हैरत में पड़ जाएंगे. आज लोगों का ध्यान खींचने के लिए आप कितनी हद तक जा सकते हैं इसका कोई हिसाब नहीं है.
बेंगलुरु से एक हैरतअंगेज करने वाला मामला सामने आया है. बेंगलुरु में एक परिवार में सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए एक बुजुर्ग को बोरी में भरकर 'कूरियर' के रूप में भेजने की कोशिश की कोशिश की.
मंगलवार को बेंगलुरु से एक हैरान करने वाला मामला सामने आ रहा है. जिसमें परिवार के पांच सदस्य एक महिला, उसका पति, सास और देवर व्यालिकवल पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक कूरियर सेवा कार्यालय में एक बड़ा पैकेज लेकर पहुंचे.
जब कर्मचारियों ने पूछा कि पैकेज में क्या है, तो परिवार ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद कर्मचारियों ने पैकेज खोला तो अंदर महिला के पिता मिले. कूरियर के अंदर किसी इंसान को देखकर सभी स्तब्ध रह गए.
सूत्रों के मुताबिक जब कूरियर की बोरी से पिता को बाहर निकाला गया तो व्यक्ति स्पष्ट रूप से परेशान दिख रहा था. उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी.
घटना के बाद जब उनसे पूछा गया कि परिवार ने ऐसा क्यों किया तो उनके जवाब ने सबको हैरान कर दिया. परिवार ने दावा किया कि उन्होंने यह इसलिए किया ताकि वे सोशल मीडिया पर एक वीडियो बना सकें.
जिसमें यह दिखाया जा सके कि उगादी और रमजान के त्योहारों के दौरान बस टिकट अक्सर बिक जाते हैं, और यह प्रदर्शित किया जा सके कि यात्रा के लिए 'किसी व्यक्ति को कूरियर के माध्यम से भेजना' ही एकमात्र विकल्प बचा है.
पकड़े जाने के बावजूद, परिवार ने कथित तौर पर कर्मचारियों के साथ बहस की और इस बात पर जोर दिया कि 'पार्सल' स्वीकार किया जाए क्योंकि वे इतनी दूर से आए थे.
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और परिवार को पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उन्होंने बाद में एक माफीनामा वीडियो रिकॉर्ड किया और स्वीकार किया कि उनके कृत्य गैरजिम्मेदाराना थे.