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नई दिल्ली: गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर नजर रखने के लिए अल्ट्रासाउंड जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. यह एक सुरक्षित और दर्द रहित प्रक्रिया है, जिसके जरिए डॉक्टर गर्भ में बच्चे की स्थिति और विकास के बारे में जरूरी जानकारी हासिल करते हैं.
एक गाइनेकोलॉजिस्ट के अनुसार, सामान्यत: गर्भावस्था के दौरान चार से पांच अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाए जाते हैं. इस जांच में किसी प्रकार के विकिरण का उपयोग नहीं होता, बल्कि ध्वनि तरंगों की मदद से गर्भ में पल रहे शिशु की तस्वीर तैयार की जाती है.
प्रेग्नेंसी के हर चरण में किया जाने वाला अल्ट्रासाउंड अलग उद्देश्य के लिए होता है और हर स्कैन से मां और बच्चे की सेहत से जुड़ी अलग-अलग जानकारी मिलती है. आइए जानते हैं गर्भावस्था के दौरान होने वाले इन महत्वपूर्ण स्कैन के बारे में विस्तार से.
गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद आमतौर पर सबसे पहला अल्ट्रासाउंड 6 से 9 सप्ताह के बीच कराया जाता है. इस जांच के जरिए डॉक्टर कई जरूरी जानकारियां प्राप्त करते हैं.
नोट- शुरुआती हफ्तों में साफ और बेहतर इमेज पाने के लिए ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड किया जा सकता है.
एनटी यानी नुचल ट्रांसलूसेंसी स्कैन पहली तिमाही में किया जाता है. यह जांच आमतौर पर 11 से 14 सप्ताह के बीच करवाई जाती है.
इस स्कैन से मिलने वाली प्रमुख जानकारी इस प्रकार है:
बता दें कि बेहतर स्क्रीनिंग के लिए इस स्कैन को अक्सर ब्लड टेस्ट के साथ किया जाता है.
गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में 18 से 22 सप्ताह के बीच एनोमली स्कैन किया जाता है. यह गर्भावस्था के सबसे महत्वपूर्ण और विस्तृत अल्ट्रासाउंड में से एक माना जाता है.
इस जांच में निम्नलिखित चीजों की जांच की जाती है:
गर्भावस्था के तीसरे ट्राइमेस्टर में आमतौर पर 28 से 32 सप्ताह के बीच ग्रोथ स्कैन कराया जाता है. इस जांच से शिशु की वृद्धि और उसकी स्थिति के बारे में जानकारी मिलती है.
इस स्कैन से मिलने वाली प्रमुख जानकारी:
नोट- यह स्कैन हाईरिस्क प्रेग्नेंसी जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, आईवीएफ प्रेग्नेंसी या पहले से जटिल गर्भावस्था वाले मामलों में खास तौर पर महत्वपूर्ण होता है.
हर गर्भावस्था में डॉप्लर स्कैन जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर इसकी सलाह देते हैं.
इस जांच से मिलने वाली जानकारी:
नोट- यह जांच यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि शिशु को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिल रहे हैं.
यह एक एडवांस इमेजिंग तकनीक है, जिसमें शिशु की तस्वीर अधिक स्पष्ट दिखाई देती है. हालांकि यह जांच आवश्यक नहीं होती और अक्सर वैकल्पिक रूप से करवाई जाती है.
"जी हां, अल्ट्रासाउंड का उपयोग दशकों से किया जा रहा है और यह पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन केवल तभी जब इसे ट्रेंन्ड प्रोफेशनल द्वारा किया जाए."
"नॉर्मल गर्भावस्था में आमतौर पर 3 से 4 स्कैन पर्याप्त होते हैं, लेकिन उच्च जोखिम वाली मामलों में मॉनिटरिंग के लिए इसकी संख्या बढ़ सकती है."
नोट: हर प्रेग्नेंसी अलग होती है. आपकी डॉक्टर आपकी हेल्थ कंडीशन और हिस्ट्री देखकर स्कैन कराने की सलाह देंगी.