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सिर्फ आंखें ही नहीं, आपके बच्चे के दिल को भी खोखला कर रहा है मोबाइल, नई स्टडी का चौंकाने वाला खुलासा

आजकल बड़े-बूढ़ों से लेकर छोटे बच्चों तक सबकी मोबाइल में बुरी लत लग चुकी है. स्क्रीन टाइम दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जो आंखों के साथ-साथ दिल की सेहत को भी चुपके से नुकसान पहुंचा रहा है.

Calendar Last Updated : 03 July 2026, 01:56 PM IST
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आजकल बच्चों में स्क्रीन की लत चिंता का बड़ा विषय बन गई है. मोबाइल, टीवी और टैबलेट अब उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, जो न सिर्फ आंखों बल्कि दिल की सेहत पर भी गंभीर असर डाल रहे हैं. एक हालिया स्टडी ने इस खतरे को और उजागर कर दिया है. अध्ययन में पाया गया कि ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है.

क्या कहती है स्टडी?

स्टडी के मुताबिक, जितना ज्यादा समय बच्चे मोबाइल, टीवी या अन्य स्क्रीन के सामने बिताते हैं, उतना ही उनके दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. इन समस्याओं में हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी स्थितियां शामिल हैं. शोध के अनुसार, छोटे बच्चों पर इसका असर ज्यादा गंभीर देखा गया, क्योंकि उनका शरीर अभी ग्रोथ की स्टेज में होता है. साथ ही यह भी सामने आया कि पर्याप्त नींद लेने से स्क्रीन टाइम के कुछ नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है. बता दें कि शोधकर्ताओं ने 1,000 से ज्यादा बच्चों और किशोरों के डेटा का विश्लेषण करके यह समझने की कोशिश की है.

स्क्रीन से दूरी कितनी जरूरी?

इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चों को पूरी तरह स्क्रीन से दूर कर दिया जाए, क्योंकि आज के समय में यह लगभग असंभव है. लेकिन माता-पिता को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे कितना समय स्क्रीन पर बिता रहे हैं. बीच-बीच में ब्रेक दिलाना, बाहर खेलने के लिए प्रेरित करना और पूरी नींद सुनिश्चित करना बच्चों के दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है.

कैसे कम करें स्क्रीन टाइम?

बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करना आज किसी चुनौती से कम नहीं है. कई बच्चे खाना खाते वक्त भी मोबाइल या टीवी देखते हैं. लेकिन चिंता की बात नहीं है. कुछ आसान तरीकों से आप बच्चे का स्क्रीन टाइम कम करवा सकते हैं.

धीरे-धीरे सीमाएं तय करें

एकदम से स्क्रीन बंद करना सही तरीका नहीं है. रोज के समय में थोड़ा-थोड़ा (जैसे 30 मिनट) कम करें और धीरे-धीरे आदत बदलें.

स्क्रीन टाइम को इनाम बनाएं

स्क्रीन टाइम को सीधे देने के बजाय इसे कमाने का मौका दें. जैसे, होमवर्क या घर के छोटे काम के बाद ही स्क्रीन इस्तेमाल करने दें.

ऑप्शन तैयार रखें

बच्चों को बोर होने से बचाने के लिए बोर्ड गेम, पेंटिंग, पजल या आउटडोर गेम जैसे मजेदार ऑप्शन दें. इससे बच्चा बोर भी नहीं होगा और स्क्रीन से दूरी भी बनाने में आसानी होगी.

खुद उदाहरण बनें

बच्चे वही सीखते हैं जो वे देखते हैं. अगर आप हमेशा फोन पर रहेंगे, तो बच्चे भी वैसा ही करेंगे. परिवार के साथ ‘नो फोन टाइम’ बनाएं. 

स्क्रीन-फ्री जगह तय करें

घर में कुछ जगहों को स्क्रीन-फ्री बनाएं, जैसे बेडरूम और डाइनिंग टेबल. इससे नींद बेहतर होती है और परिवार के साथ समय बढ़ता है.

बच्चों को एक्टिव रखें

बच्चों को बाहर खेलने, साइकिल चलाने या परिवार के साथ वॉक पर जाने के लिए प्रेरित करें. इससे उनका ध्यान स्क्रीन से हटेगा और सेहत भी अच्छी रहेगी.

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