menu-icon
The Bharatvarsh News

रांची में छात्रों के आंदोलन के आगे झुकी हेमंत सरकार, 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने को दी सहमति

रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सहमती दे दी है. TDPL की परीक्षाओं और JSSC-CGL मामले की CID जांच कराने का फैसला लिया गया है.

Calendar Last Updated : 17 August 2026, 04:49 PM IST
Share:

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच सरकार ने छात्रों की कई मांगों पर बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय ने बताया कि छात्रों के साथ हुई दो दौर की बातचीत के बाद कई मुद्दों पर सहमति बनी है. इनमें 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने का फैसला प्रमुख है.

14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर बनी सहमति

मंत्री दीपिका पांडेय के मुताबिक, सरकार ने अभ्यर्थियों की जायज मांगों को ध्यान में रखते हुए 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सहमति जताई है. रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बातचीत के बाद सरकार की ओर से यह घोषणा की गई.

इस फैसले को आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है. छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं सरकार के सामने रख रहे थे.

TDPL और JSSC-CGL की होगी जांच

सरकार ने TDPL की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं और JSSC-CGL से जुड़े मामले की जांच कराने का भी फैसला लिया है. मंत्री ने बताया कि इन मामलों की जांच राज्य की जांच एजेंसी CID करेगी. उन्होंने कहा कि अगर किसी मामले में केंद्रीय एजेंसी की जांच जरूरी हुई, तो राज्य सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी पत्र भेज सकती है.

90 दिनों में जांच पूरी करने का लक्ष्य

JSSC-CGL मामले पर सरकार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के बाद परीक्षा के नतीजे जारी किए गए थे और अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी दिए जा चुके हैं. इनमें से कई उम्मीदवार करीब एक साल से नौकरी कर रहे हैं.

सरकार ने कहा कि CID जांच की निगरानी एक न्यायिक समिति के माध्यम से कराई जाएगी. जांच को 90 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद जरूरत पड़ने पर मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने की बात कही गई है.

पेपर लीक रोकने के लिए सुधार पर जोर

मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया.

उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड सरकार ने 2023 में पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला विधेयक विधानसभा से पारित किया था. सरकार का कहना है कि बदलते हालात के अनुसार भर्ती और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है.

सम्बंधित खबर

Recent News