menu-icon
The Bharatvarsh News

उज्जैन महाकाल मंदिर में सावन सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर नागचंद्रेश्वर मंदिर में अफरातफरी, भगदड़ में कई श्रद्धालु घायल

सावन के तीसरे सोमवार पर उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर गया. इसी बीच हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले हिस्से में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई.

Calendar Last Updated : 17 August 2026, 02:21 PM IST
Share:

नई दिल्ली: सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के मौके पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. भगवान महाकाल के दर्शन के साथ नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट भी खुले थे. इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले इलाके में करंट फैलने की अफवाह ने अचानक श्रद्धालुओं के बीच डर पैदा कर दिया. कुछ ही देर में भीड़ का दबाव बढ़ा और भगदड़ जैसे हालात बन गए.

जानकारी के मुताबिक, नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए लगी कतार के दौरान हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास डीपी के आसपास करंट फैलने की बात तेजी से फैल गई. अफवाह सुनते ही कई श्रद्धालु घबरा गए और भीड़ में इधर-उधर जाने की कोशिश करने लगे. इस दौरान कुछ लोग गिर गए और कुछ बैरिकेडिंग से टकरा गए. मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने लोगों को भीड़ से बाहर निकालने की कोशिश की. कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने और उनके बेहोश होने की जानकारी भी सामने आई. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, घटना में करीब 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की बात कही गई है. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.

लाखों श्रद्धालु पहुंचे उज्जैन

सावन के तीसरे सोमवार पर महाकाल के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर क्षेत्र में भारी भीड़ रही. नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में केवल एक बार खुलता है, इसलिए इसके दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे. इसके अलावा नागपंचमी और महाकाल की सवारी भी इसी दिन होने के कारण भीड़ और बढ़ गई. मंदिर समिति के मुताबिक, अब तक करीब 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. अलग-अलग रास्तों पर लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे.

मंदिर समिति ने भगदड़ की खबरों को बताया भ्रामक

घटना के बाद सोशल मीडिया और कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म पर मंदिर में भगदड़ और अव्यवस्था की खबरें सामने आईं. महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने इन दावों का खंडन किया है. समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की भारी संख्या के कारण कुछ स्थानों पर भीड़ का दबाव जरूर बढ़ा, लेकिन मंदिर में किसी बड़ी भगदड़ की स्थिति नहीं बनी.

नीलकंठ द्वार के पास कुछ श्रद्धालुओं के बैरिकेडिंग पार करने की बात भी सामने आई. समिति ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें. श्रद्धालुओं से केवल आधिकारिक माध्यमों से मिली जानकारी पर भरोसा करने को कहा गया है.

सम्बंधित खबर

Recent News