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घुंघरू की आवाज से सहमी छात्राएं, अचानक हंसने-रोने लगीं, अमरावती के स्कूल में ‘भूत’ का खौफ

608 छात्र-छात्राओं ने स्कूल और हॉस्टल छोड़कर घर का रुख कर लिया. हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जांच के बाद इसे भूत-बाधा नहीं, बल्कि ‘मास साइकोजेनिक इलनेस’ यानी मास हिस्टीरिया बताया है.

Calendar Last Updated : 17 August 2026, 02:01 PM IST
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अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के मेलघाट से अंधविश्वास और डर से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है. धारणी तालुका के डोमा स्थित आदिवासी आश्रम स्कूल में भूत-प्रेत की अफवाह इतनी तेजी से फैली कि करीब 608 छात्र-छात्राओं ने स्कूल और हॉस्टल छोड़कर घर का रुख कर लिया. हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जांच के बाद इसे भूत-बाधा नहीं, बल्कि ‘मास साइकोजेनिक इलनेस’ यानी मास हिस्टीरिया बताया है. छात्रों के डर को दूर करने और उन्हें दोबारा पढ़ाई से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग और महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (ANIS) की टीमें लगातार काम कर रही हैं.बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह पहले हॉस्टल में रहने वाली 15-16 छात्राओं के व्यवहार में अचानक बदलाव आया. कुछ छात्राएं जोर-जोर से हंसने लगीं, जबकि कुछ रोने लगीं. कई छात्राओं ने यह भी बताया कि उन्हें घुंघरू बजने जैसी आवाजें सुनाई दे रही हैं. हॉस्टल अधीक्षिका उज्ज्वला इंगले ने मामले की जानकारी स्कूल के मुख्याध्यापक को दी. इसके बाद अगले दिन गांव में यह बात तेजी से फैल गई कि छात्राओं पर भूत-प्रेत का साया है. अफवाह का असर इतना बढ़ा कि 300 से ज्यादा छात्राएं डरकर हॉस्टल छोड़कर अपने घर चली गईं. इनमें एकताई गांव की छात्राओं की संख्या ज्यादा बताई गई.

डॉक्टरों ने बताई असली वजह

स्थिति बिगड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल पहुंचकर छात्रों की जांच की. डॉक्टरों ने साफ किया कि यह किसी भूत-प्रेत का मामला नहीं है. उनके अनुसार, कई लोगों में एक साथ डर और तनाव से इस तरह के लक्षण दिखाई देना ‘मास हिस्टीरिया’ या ‘मास साइकोजेनिक इलनेस’ कहलाता है. विशेषज्ञों ने इसे एक मनोवैज्ञानिक स्थिति बताया, जिसका इलाज और काउंसलिंग संभव है.

गांव-गांव पहुंचकर हो रही काउंसलिंग

छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ANIS की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है. समिति के सदस्य पिछले तीन दिनों से मेलघाट के अलग-अलग गांवों में पहुंचकर बच्चों और उनके परिवारों से बातचीत कर रहे हैं. तेज बारिश और खराब रास्तों के बावजूद पांचडोंगरी, खडीमल, चूनखड़ी और एकताई जैसे इलाकों में काउंसलिंग जारी है.

इसका असर भी दिखने लगा है. एकताई गांव की छह छात्राओं की काउंसलिंग के बाद उन्होंने स्कूल लौटने की इच्छा जताई है. खडीमल में भी छात्राओं से बातचीत कर उनका डर दूर किया जा रहा है. स्कूल प्रशासन और समिति की टीम बच्चों से अपील कर रही है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए स्कूल वापस लौटें.

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