नई दिल्ली: अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर बड़ा पल देखने को मिला, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए इतिहास का सबसे लंबा स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण दिया. उनका संबोधन एक घंटा 41 मिनट से भी ज्यादा देर तक चला. ट्रंप के इस भाषण ने अवधि के मामले में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया. लंबे भाषण के दौरान ट्रम्प ने घरेलू और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार रखे.
2026 में दिए गए इस संबोधन में ट्रम्प ने अपनी प्रशासनिक उपलब्धियों का जमकर बखान किया. खासतौर पर उन्होंने अपनी विदेश नीति को प्रमुखता दी. उन्होंने दावा किया कि उनके नेतृत्व में कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को रोका गया, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु टकराव भी शामिल है. ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप के बिना पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए सत्ता में बने रहना मुश्किल हो सकता था.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर से चर्चा में हैं लेकिन इस बार वह अपनी किसी नीति के लिए नहीं बल्कि अपने भाषण के लिए के लिए चर्चा में हैं. उनका भाषण अवधि के लिहाज से अब तक का सबसे लंबा स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन माना जा रहा है. उन्होंने अपने कार्यकाल के शुरुआती 10 महीनों का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान उन्होंने आठ युद्धों को समाप्त करने में भूमिका निभाई है.
राष्ट्रपति ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच के विवाद को शांत करने में ट्रंप ने अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि परमाणु संघर्ष की आशंका बढ़ गई थी.
लेकिन अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों ने हालात को काबू में रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने पिछले वर्ष मई में दोनों देशों के बीच चार दिनों तक चले सैन्य टकराव को उदाहरण के तौर पर पेश किया.
ट्रम्प ने अपने भाषण में यह दोहराया कि उनका प्रशासन विश्व स्तर पर शांति बहाली के लिए सक्रिय रहा है. उन्होंने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय संकटों को बातचीत और रणनीतिक हस्तक्षेप के माध्यम से टाला गया. हालांकि विपक्षी नेताओं ने इन बयानों की सत्यता पर सवाल उठाए हैं.