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'मोदी ने फोन नहीं किया..' भारत-अमेरिका व्यापार समझौता टला, अमेरिकी वाणिज्य सचिव ने किया चौकाने वाला खुलासा

अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने एक इंटरव्यू में बताया कि भारत ट्रेड डील किसी और की वजह से नहीं बल्कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण ही कैंसिल हुई थी, क्योंकि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को फोन नहीं किया था.

Calendar Last Updated : 09 January 2026, 11:11 AM IST
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नई दिल्ली: अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी (वाणिज्य सचिव) हॉवर्ड लुटनिक ने एक इंटरव्यू में भारत ट्रेड डील पर पर बड़ा खुलास किया है. उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका की ट्रेड डील न हो पाने का मुख्य कारण खुद नरेंद्र मोदी ही हैं. दरअसल भारत के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति से फोन कर बात नहीं की थी जिस यह डील टल गई. इस डील के लिए सारी तैयारियां हो चुकी थी भारतीय प्रधानमंत्री को केवल ट्रंप से फोन करके बात करनी थी जोकि उन्होंने नहीं किया. 

मोदी ने फोन नहीं किया..' हॉवर्ड लुटनिक

हॉवर्ड लुटनिक ने एक इंटरव्यू में बताया कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से व्यापार समझौता किसी मतभेद के कारण नहीं रूकी बल्कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण रोका गया था. 

दरअसल उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद इस समझौते की तैयारियां की थी लेकिन ट्रेड होने से पहले ही यह समझौता टूट गया क्योकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन करके बात नहीं की थी जिस कारण इस ट्रेड को टाल दिया गया. 

इंडोनेशिया, फिलीपींस, वियतनाम के साथ हुआ व्यापार

लुटनिक ने यह भी कहा कि अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ व्यापार समझौते कर लिए हैं और इन देशों के साथ यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई थी कि भारत के साथ भी ऐसा ही व्यापार समझौता जल्द होगा, लेकिन मोदी की तरफ से संपर्क न होने के कारण यह संभव नहीं हो सका.

अब उस डील पर अमेरिका नहीं बढ़ रहा आगे

अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच पहले जिस शर्तों पर व्यापार डील बनने की उम्मीद थी, वह अब समाप्त हो चुकी है. लुटनिक ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब उस डील पर आगे नहीं बढ़ रहा है और इस पर कोई विचार नहीं कर रहा है.

इससे साफ हो गया है कि अमेरिका ने भारत के साथ लंबित व्यापार समझौते पर अपनी योजना बदल दी है और फिलहाल इसे लागू करने की कोई योजना नहीं है.

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